एचसीएस कैडर की संख्या बढ़ाएगी खट्टर सरकार!, आने वाले दिनों में हो जाएगा फैसला

5/23/2020 7:36:38 PM

चंडीगढ़ (धरणी): हरियाणा प्रदेश की प्रशासनिक सेवा, जिसे हरियाणा सिविल सर्विस (एचसीएस) (एग्जीक्यूटिव ब्रांच -कार्यकारी शाखा) कहा जाता है, इसकी कैडर संख्या जो आज से तीन वर्ष पहले 2017 अर्थात खट्टर सरकार के पिछले कार्यकाल में तत्कालीन 263 से बढ़ाकर 300 की गई थी, इसके पुनर्निर्धारण करने का समय आ गया है। यह देखने लायक होगा कि आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार इस संख्या को ज्यों का त्यों कायम रखती है अथवा इसे और अधिक वृद्धि करती है।

हर तीन साल पर होता है बदलाव
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि फरवरी 2008 में तत्कालीन कांग्रेस की भूपिंदर हूड्डा सरकार के पहले कार्यकाल में पंजाब सिविल सेवा नियमावली 1930 को समाप्त कर हरियाणा सरकार द्वारा अपनी अलग एचसीएस नियमावली, 2008 बनाई गई थी, जिसके नियम सं. 3 के अनुसार एचसीएस की कैडर संख्या का निर्धारण प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर किया जाएगा। हालांकि इसमें यह उल्लेख है कि सामान्यत: यह तीन वर्ष के अंतराल के बाद किया जाएगा। 

एचसीएस कैडर संख्या में ये पद हैं शामिल
आज से तीन वर्ष पूर्व मई 2017 निर्धारित की गई एचसीएस कैडर संख्या 300 में सामान्य प्रशासन के 127 पद जैसे 15 जिलों में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी ) के पद , 71 सब-डिवीजन्स में उप मंडल अधिकारी (सिविल ) (एसडीएम) के पद, 22 जिलों में नगराधीश (सिटी मजिस्ट्रेट) के पद, 11 उप-सचिव (डिप्टी सेक्रेटरी) के पद, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) का 1 पद और 6 अन्य ओएसडी के पद एवं कर्मचारी चयन आयोग के सेक्रेटरी का पद शामिल है। इसके अलावा अन्य विभागों में 98 पद स्वीकृत किए गए पद शामिल हैं, जिसमें हरियाणा के विभिन्न सरकारी में विभागों में ज्वाइंट डायरेक्टर के 29 पद, 12 जिलों में हरियाणा रोडवेज के जनरल मैनेजर, सभी 22 जिलों में सेक्रेटरी आरटीए, सभी जिलों में जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदि के पद शामिल हैं। उक्त जोड़ 225 बनता है, एवं शेष 75 पद जूनियर नव-नियुक्त आईएएस अधिकारियों, डेपुटेशन रिजर्व, लीव रिजर्व ट्रेनिंग रिजर्व आदि के लिए बनाए गए हैं।

चौटाला और हुड्डा सरकारों में घटती बढ़ती रही संख्या
एचसीएस नियमावली, 2008  बनने के छ: माह बाद अगस्त 2008 में इसके नियम 3 के अंतर्गत सर्वप्रथम  एचसीएस का कैडर 220 निर्धारित किया था, जिसे तीन वर्ष बाद सितम्बर 2011 में 43 बढ़ाकर 263 कर दिया। हालांकि इसके बाद सितम्बर 2014 में इस संख्या का पुनर्निर्धारण होना था परन्तु तत्कालीन हरियाणा विधानसभा आम चुनावों के दृष्टिगत इसे टाल दिया गया। अक्टूबर 2014 में खट्टर सरकार बनी उसके तत्काल बाद नवंबर 2014 में नई सरकार द्वारा इस 263 की संख्या को कुछ समय के लिए ज्यों का त्यों रखने का निर्णय लिया गया। इसके करीब अढ़ाई वर्ष बाद 18 मई को 2017 को एचसीएस कैडर संख्या को 300 कर दिया था। नवंबर 2003 में भी तत्कालीन ओम प्रकाश चौटाला सरकार द्वारा एचसीएस कैडर संख्या को बढाकर 300 किया गया था, परन्तु जैसे ही मार्च 2005 में हुड्डा सरकार बनी तो मई 2005 में इस संख्या को 70  घटाकर 230 कर दिया गया था, जिसे तीन वर्ष बाद अगस्त 2008 में 10 और घटाकर 220 कर दिया था।

इस तरीके से होता है एचसीएस का चयन
हेमंत ने बताया कि वर्तमान में एचसीएस की स्वीकृत 300 की संख्या में 250 के करीब पद भरे हुए हैं। इसमें से 45 पद सीधी भर्ती अर्थात रजिस्टर बी से बीते वर्ष 2019  हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की गई ओपन प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर भरे गए। वर्तमान में उक्त चयनित एवं नव -नियुक्त अधिकारी हरियाणा लोक सेवा संस्थान, गुरुग्राम में ट्रेनिंग पर हैं। मौजूदा नियमों के मुताबिक एच.सी.एस. (कार्यकारी शाखा) अधिकारियों की भर्ती उक्त रजिस्टर बी अर्थात ओपन चयन के अलावा तीन अन्य प्रकार से भी होती है। पहले रजिस्टर ए-1 में  जिला राजस्व अधिकारियों एवं तहसीदारों में से एच.सी.एस. अधिकारियों का चयन होता है, जिनकी निर्धारित सर्विस पूरी होने पर उनकी वरिष्ठता एवं उनके सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा चयन किया जाता है। इसे कोटे से गत वर्ष नवंबर 2019 में 21 अधिकारी नियुक्त किए गए।

पिछले साल अधिकतर स्कूल टीचर हुए चयनित
दूसरे रजिस्टर ए-11 में राज्य सरकार के अधिसूचित सरकारी विभागों और कार्यालयों में 8 वर्ष की सेवा पूरी होने पर उपयुक्त ग्रुप सी ग्रेड के कर्मचारियों में से एचसीएस के लिए चयन किया जाता है। गत वर्ष 2019 में खट्टर सरकार द्वारा इस चयन प्रक्रिया में  लिखित परीक्षा भी शामिल की गई। इस परीक्षा, साक्षात्कार एवं सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर गत वर्ष अगस्त 2019 में करीब ग्रुप सी कोटे से करीब डेढ़ दर्जन एचसीएस अधिकारियों का चयन किया गया, जिसमें अधिकांश स्कूल टीचर हैं। इसके अलावा रजिस्टर सी में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों(डीडीपीओ) एवं खंड  विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) में से भी निर्धारित सेवा पूरी करने वाले उपयुक्त अधिकारियों की वरिष्ठता एवं उनके सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर एचसीएस में चयन किया जाता है।

हेमंत ने यह भी बताया कि खट्टर सरकार में सर्वप्रथम वर्ष 2004 में चौटाला सरकार में एचसीएस परीक्षा में चयनित दो दर्जन के करीब सफल उम्मीदवारों को हाई कोर्ट के आदेशों के बाद मई 2016 में एचसीएस में नियुक्त किया गया था। इसके बाद सितम्बर 2016 में पूर्ववर्ती हूडा सरकार के दौरान हुई एचसीएस प्राथमिक परीक्षा में शॉर्टलिस्ट हुए उम्मीदवारों की वर्ष 2016 दौरान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा एवं इंटरव्यू के आधार पर उनमें से फाइनल चयनित उम्मीदवारों को एचसीएस में नियुक्त किया गया था।


Shivam

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