हरियाणा में अब इन बिजली उपभोक्ताओं को अब देना होगा मुआवजा, जानिए क्या है कारण
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 12:27 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने यूएचबीवीएन से से जुड़े मामलों में लंबे समय तक औसत आधार पर बिजली बिल जारी करने और बाद में एकमुश्त अत्यधिक राशि के बिल धमाने को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है।
बहादुरगढ़ के एक मामले में आयोग ने पाया कि उपभोक्ता को लंबे समय तक बिल नहीं मिला। कभी कभार महनस बिल भी जारी किए गए। उसके बाद अचानक 2.38 लाख रुपये का बिल उपभोक्ता को जारी कर दिया गया।
शिकायत के बाद भी अधूरे सुधार किए गए। आयोग ने यह भी माना कि विद्युत आपूर्ति संहिता के तहत अनिवार्य पूर्व सूचना व न्यूनतम समयसीमा का पालन नहीं किया गया। आयोग ने दो सीए पर पांच हजार रुपये का जुर्माना व दोनों को उपभोक्ता को एक हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, स्वीकृति देने वाले एसडीओ के प्रति असंतोष दर्ज करते हुए उनके नाम आयोग के रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने यह भी आदेश दिया कि जुलाई 2022 से गलत रूप से जारी किए गए प्रत्येक बिलिंग चक्र के लिए उपभोक्ता को 500 रुपये की दर से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। वहीं, एक अन्य मामले में हिसार के एक उपभोक्ता के दो बिजली खातों में मार्च 2020 से फरवरी 2024 तक औसत आधार पर बिल जारी किए गए, जहां पहले 160 यूनिट की द्विमासिक खपत के बिल आते थे, वहीं बाद में एक खाते में लगभग 45,000 यूनिट दशति हुए तीन लाख रुपये से अधिक का बिल और दूसरे खाते में 20,000 यूनिट की खपत दिखाकर 98 हजार
रुपये का बिल जारी कर दिया गया। आयोग ने प्रति गलत बिल 500 रुपये की दर से मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं जिसे डीएचबीबीएन अपने कोष से देगा, बाद में दोषी से वसूला जाएगा।