हरियाणा में सबकी जुबान पर एक ही बात- किसकी जाएगी कुर्सी, किसकी होगी ताजपोशी

2021-06-11T23:27:09.15

रेवाड़ी (योगेंद्र सिंह): सीएम के रूप में दूसरी पारी खेल रहे मनोहरलाल खट्टर अब पूरी तरह राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हो गए हैं और यही कारण हैं कि मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर वह चुन-चुनकर अपने कदम आगे बढ़ा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के अलावा संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात के बाद अब वह प्रदेश के आला नेताओं से बातचीत करने में लगे हैं। माना जा रहा है कि मंत्रीमंडल विस्तार कर मनोहरलाल खट्टर किसी भी प्रकार का विवाद पनपने नहीं देना चाहते हैं। इसी के चलते वह एक राय बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में इस समय सभी की जुबां पर एक ही बात है कि किसकी कुर्सी जाएगी और किसकी होगी ताजपोशी?

हरियाणा की राजनीति में इस समय सरगर्मी का माहौल अपने चरम पर है। हर कोई इस समय सीएम खट्टर सरकार टू के मंत्रीमंडल विस्तार पर नजर लगाए हुए हैं। कोरोना महामारी से सफलतापूर्वक निपटने के बाद सीएम मनोहरलाल खट्टर अब मंत्रीमंडल विस्तार की दिशा में अपने ठोस कदम शनै-शनै आगे बढ़ा रहे हैं। इसके लिए वह दिल्ली में बैठकों को दौर पूरा कर चुके हैं और वहां सभी को अपने विश्वास में भी ले लिया है। पीएम मोदी ने भी कोरोना महामारी से निपटने एवं काफी हद तक किसान आंदोलन का सामना करने में सफल रहे खट्टर की पीठ थपथपाई है।

इसी के चलते अब सीएम मंत्रीमंडल विस्तार अभियान में लग गए हैं। मंत्रीमंडल विस्तार से पहले वह विधायक व मंत्री के रिपोर्ट कार्ड को भी चैक कर रहे हैं। इस रिपोर्ट कार्ड में दक्षिण हरियाणा के दो मंत्रियों की सुस्त कार्यशैली का भी जिक्र होना बताया जाता है। हालांकि इन पर केंद्रीय मंत्री का हाथ है और इसके चलते इन्हें कुर्सी से हिलाना इतना आसान भी नहीं है। वहीं यह भी अपने आका के यहां लगातार हाजरी लगाकर अपनी कुर्सी बचाने की कवायद में जुट गए हैं।



यह अलग बात है कि काफी समय से केंद्रीय मंत्री कहीं नजर नहीं आ रहे और पार्टी में भी उन्हें कुछ अधिक तवोज्जों नहीं मिल रही है। यहां तक संगठन विस्तार में भी उनकी उपेक्षा होना बताया जाता है। दूसरी ओर सीएम खट्टर मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर एक राय बनाने की मुहिम में जुटे हुए हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर की चंडीगढ़ में हुई मीटिंग को इसी से जोडक़र देखा जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि संभवत : गुर्जर दिल्ली का कोई मैसेज लेकर सीएम से मिले हैं। मीटिंग में क्या हुआ यह तो किसी को नहीं पता लेकिन यह तय है कि इससे राजनीति सरगर्मी अवश्य तेज हो गई। मंत्रीमंडल विस्तार मेंजे.जे.पी. के खाते में भी एक लाल बत्ती जाना है और इसी के चलते उनके विधायक भी कुर्सी पाने के लिए सक्रिय हैं और जुगत लगाने में लगे हैं।

सभी को चौंका सकते हैं सीएम
राजनीतिक जानकारों की माने तो सीएम अपने मंत्रीमंडल विस्तार से सभी को चौंका सकते हैं। अभी यह तो साफ नहीं है कि किसकी छुट्टी होगी और किसकी इंट्री लेकिन यह तय है कि एक-दो पर गाज गिर सकती है। वहीं संकट के समय सरकार का मजबूती से साथ देने वाले निर्दलीय को भी इनाम मिल सकता है। यह मंत्रीमंडल विस्तार इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इससे पता चला कि हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले किस केंद्रीय मंत्री का कद बढ़ा और किसका कम हुआ। हालांकि अपने बूते दूसरी बार सत्ता में आए सीएम खट्टर अब किसी दबाव में नहीं हैं और ऊपर से उन्हें शीर्ष नेतृत्व से भी पूरा आशीर्वाद मिला हुआ है इसके चलते भाजपाईयों को भी विस्तार को लेकर कुछ अधिक पता नहीं है।

सरकार व संगठन की जुगलबंदी का कमाल
सीएम खट्टर एवं प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ की जुगलबंदी का ही कमाल है कि कोरोना महामारी जैसी विपदा से भी सरकार आसानी से जीत पाई। किसान आंदोलन से परेशान सरकार का साथ देने के लिए धनखड़ सामने आए। उन्होंने अपने संगठन का विस्तार कर कार्यकर्ताओं को लोगों से सीधा संपर्क कर उनकी नाराजगी दूर करने की जिम्मेदारी दी। कोरोना महामारी के समय जब मंत्रियों के हर कार्यक्रम का किसान विरोध कर रहे थे उस दौरान धनखड़ की टीम ने गांव-गांव व शहर-शहर जाकर लोगों की मदद की और उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया। संगठन विस्तार में भी साफ दिखता है कि पार्टी व्यक्ति विशेष के बजाए संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। ताकि आगामी चुनाव में संगठन किसी व्यक्ति विशेष के दबाव में ना रहे और खुद योजना बनाकर चुनाव में विजयी पताका फहराए।
 

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Content Writer

Shivam

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