एमएसएमई के क्षेत्र में प्रदेश ने गाड़े झंडे, देश के टॉप-3 राज्यों में शामिल हुआ हरियाणा

punjabkesari.in Thursday, Jun 30, 2022 - 07:23 PM (IST)

चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी): एमएसएमई के क्षेत्र में हरियाणा देश के टॉप-3 राज्यों में शामिल है। हरियाणा सरकार द्वारा एमएसएमई के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल हुआ है। नई दिल्ली में भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा उद्यमी-भारत कार्यक्रम के तहत आयोजित ‘एमएसएमई नेशनल अवार्ड’ समारोह में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा के उपमुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला को यह अवार्ड दिया गया है। हरियाणा इंड्रस्टी एवं कॉमर्स विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विजेंदर कुमार व डायरेक्टर जनरल अमनीत पी कुमार द्वारा उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के मार्गदर्शन में  इस अवसर पर हरियाणा की औद्योगिक नीतियों की काफी तारीफ हुई।

हरियाणा इंड्रस्टी एवं कॉमर्स विभाग की डायरेक्टर जनरल अमनीत पी कुमार के एनएचएम स्वास्थ्य विभाग में रहते पहले भी कई अवार्ड एनएचएम को भी राष्ट्रीय स्तर पर मिले हैं। अमनीत कौर की गिनती हरियाणा के कर्मठ, मेहनती, योग्य अधिकारियों में होती है। इस कार्यक्रम में हरियाणा के दो एमएसएमई को भी अवार्ड मिला है। इनमें डॉ. हरजिंद्र कौर तलवार को वुमैन कैटेगरी के स्मॉल सर्विस एंटरप्राइज में प्रथम तथा ऋषभ गुप्ता को मैन्युफैक्चरिंग माइक्रो इंटरप्राइज की ओवरऑल कैटेगरी में तीसरे स्थान का अवार्ड मिला है।

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डिप्टी सीएम ने अवॉर्ड लेने के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय को धन्यवाद दिया कि उन्होंने राज्य एमएसएमई के विकास को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों के साथ-साथ हरियाणा छोटे एवं लघु उद्योगों के मामले में भी टॉप परफॉर्मिंग स्टेट्स में बना हुआ है। मैं इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के सभी उद्यमियों को बधाई देता हूँ। हमारा हमेशा से संकल्प रहा है कि प्रदेश में नए उद्योग लगें, उनका विकास हो और हमारे युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिले।

उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से आर्थिक विकास किया है और इसमें हमारे एमएसएमई का विशेष योगदान रहा है। प्रदेश में लगभग 9.7 लाख एमएसएमई हैं जो कि बढ़ती अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। राज्य सरकार ने एमएसएमई के लिए कई नई योजनाएं और पहल आरंभ की है, ताकि उनको संस्थागत सलाह और सुविधा प्रदान की जा सके, साथ ही एक मजबूत नीतिगत ढांचा भी बनाया जा सके।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में एमएसएमई का समर्थन करने के लिए एक समर्पित विभाग ‘एमएसएमई निदेशालय’ की स्थापना की हुई है, इससे बाजार, प्रौद्योगिकी और कुशल श्रमिकों तक पहुंच आसान हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक विकास, विशेषकर एमएसएमई के लिए लक्षित नीतियां लेकर आई है।
उपमुख्यमंत्री ने राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा ने ‘वोकल फॉर ग्लोबल’ के सिद्धांत पर चलते हुए अपनी तरह का एक प्रोग्राम ‘पदमा’ शुरू किया है जिसका मुख्य उद्देश्य खंड स्तर पर एक गतिशील, आत्मनिर्भर और संपन्न औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एमएसएमई के विकास के लिए भारत सरकार के क्लस्टर विकास दृष्टिकोण पर पूरा फोकस कर रही है। भारत सरकार की एमएसई-सीडीपी योजना पर जोर देने के अलावा हरियाणा अपनी तरह की पहली ‘राज्य मिनी क्लस्टर योजना’ भी लेकर आया है। उन्होंने बताया कि अब तक, एमएसई-सीडीपी योजना के तहत हरियाणा से 140 करोड़ रुपए की लागत के 9 क्लस्टरों को मंजूरी दी गई है। इसमें से भारत सरकार की ओर से 58 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। जबकि, राज्य मिनी क्लस्टर विकास योजना के तहत प्रदेश में 43 एमएसएमई क्लस्टर की विभिन्न पहले, जिनकी कीमत 119 करोड़ रुपये से अधिक है, आरंभ की गई हैं। राज्य सरकार के इन व्यापक क्लस्टर विकास प्रयासों से हरियाणा में 8,000 से अधिक एमएसएमई लाभान्वित हुए हैं।

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Content Writer

Vivek Rai

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