बाढ़ की तैयारियों और मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर जलभराव वाले क्षेत्रों में तुरंत पानी निकासी के निर्देश : श्रुति चौधरी
punjabkesari.in Thursday, Aug 13, 2026 - 06:20 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने वीरवार को विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में बाढ़ की तैयारियों और वर्तमान जलभराव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और विभिन्न जिलों में जलभराव से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बरसाती पानी की निकासी में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए और खड़ी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क रहे।
7 जिलों के कुछ क्षेत्रों में जलभराव की सूचना
बैठक में अधिकारियों ने मंत्री श्रुति चौधरी को बताया कि प्रदेश के रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, भिवानी, फरीदाबाद, नूंह और पलवल जिलों के कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति सामने आई है। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण पानी जमा हुआ है, लेकिन फिलहाल स्थिति गंभीर स्तर पर नहीं पहुंची है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए फसलों को व्यापक नुकसान की आशंका नहीं है।
मंत्री ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा, ताकि यदि किसी स्थान पर जलभराव बढ़ता है तो तत्काल राहत एवं निकासी के उपाय किए जा सकें। उन्होंने कहा कि किसानों की खड़ी फसल को किसी भी स्थिति में अनावश्यक नुकसान नहीं होना चाहिए।
एक सप्ताह में जलभराव दूर करने का भरोसा
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जमा पानी की निकासी के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने मंत्री को आश्वस्त किया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति को सामान्य करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों से एक सप्ताह के भीतर पानी निकाल दिया जाएगा।
श्रुति चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि केवल कागजी स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौके पर जाकर स्थिति की निगरानी की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जिला प्रशासन और स्थानीय स्तर के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश भी दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
फसलों को नुकसान रोकना प्राथमिकता
समीक्षा बैठक में मंत्री ने विशेष रूप से किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलभराव लंबे समय तक रहने से खेतों में खड़ी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए पानी की निकासी में तेजी लाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पानी जमा है, वहां निकासी व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए। यदि कहीं पंप, ड्रेनेज चैनल या अन्य संसाधनों की जरूरत है तो उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि निचले क्षेत्रों और पहले से जलभराव की समस्या वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
बाढ़ नियंत्रण कार्यों की भी समीक्षा
श्रुति चौधरी ने बैठक में प्रदेश में बाढ़ की तैयारियों के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशील क्षेत्रों, जल निकासी व्यवस्था और संभावित जलभराव वाले स्थानों को लेकर तैयारियों की स्थिति जानी।
मंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए विभाग को पहले से तैयार रहना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र से जलभराव की सूचना मिलने पर उसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। राहत एवं जल निकासी कार्यों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश
मंत्री ने कहा कि मौजूदा स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विभाग को किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
श्रुति चौधरी ने कहा कि सरकार का फोकस किसानों और आम लोगों को बारिश तथा जलभराव से होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने पर है। विभागीय अधिकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करें और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जलभराव की समस्या का समयबद्ध समाधान किया जाए, ताकि प्रदेश में सामान्य जनजीवन और कृषि गतिविधियां प्रभावित न हों।
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