अवैध आरएमसी इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश, विशेष टीमें गठित
punjabkesari.in Monday, Jun 08, 2026 - 02:11 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के चेयरमैन विनय प्रताप सिंह ने गुरुग्राम में विभिन्न पर्यावरणीय अवसंरचना एवं निगरानी सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण कर पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन तथा प्रदूषण नियंत्रण संबंधी चल रहे उपायों की समीक्षा की। निरीक्षण की शुरुआत बंधवाड़ी लैंडफिल साइट से हुई, जहां चेयरमैन ने अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की तथा पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी वैज्ञानिक अपशिष्ट निपटान पद्धतियों को अपनाने के महत्व पर बल दिया।
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इसके उपरांत उन्होंने टेरी ग्राम तथा सेक्टर-51 स्थित गुरुग्राम विश्वविद्यालय में स्थापित सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों (सीएएक्यूएमएस) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणालियों की कार्यप्रणाली का आकलन किया तथा प्रभावी प्रदूषण प्रबंधन के लिए उपलब्ध वास्तविक समय पर्यावरणीय आंकड़ों की समीक्षा की।
चेयरमैन ने विकास सदन, गुरुग्राम का भी दौरा किया, जहां उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ जिले में पर्यावरण प्रबंधन पहलों एवं नियामकीय अनुपालन से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इसके पश्चात बसई स्थित निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र का निरीक्षण किया गया। चेयरमैन ने प्रसंस्करण सुविधाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सी एंड डी का निर्धारित पर्यावरणीय मानकों एवं नियमों के अनुरूप प्रभावी रिसाइकिलिंग और उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) इकाइयों के संचालन का गंभीर संज्ञान लेते हुए चेयरमैन ने संबंधित अधिकारियों को आरएमसी स्थलों का व्यापक सर्वेक्षण करने के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संचालित आरएमसी इकाइयों की पहचान सुनिश्चित की जाए तथा पर्यावरणीय कानूनों एवं नियमों के अनुसार उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।
चेयरमैन ने कहा कि अनधिकृत संचालन पर रोक लगाने तथा प्रदूषण नियंत्रण मानकों के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रवर्तन उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने पर्यावरणीय नियमों की प्रभावी पालना, सतत निगरानी तथा पर्यावरण गुणवत्ता में सुधार एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सभी हितधारकों के बीच समन्वित प्रयासों के महत्व पर भी बल दिया। इस दौरान चीफ इंजीनियर भूपेंद्र रिणवा, एसई कुलदीप सिंह, संजीव बुद्धिराजा, क्षेत्रीय अधिकारी सिद्धार्थ भार्गव और आकांक्षा तंवर आदि अधिकारी साथ रहे।