अंबाला में कैंसर अस्पताल का उद्घाटन करेंगे JP नड्डा, लोगों को मिलेगा लाभ: विज

punjabkesari.in Sunday, May 08, 2022 - 05:40 PM (IST)

चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा के गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि अतीत में अंबाला कैंट से रहे विधायकों व हरियाणा की अतीत की सरकारों ने अंबाला छावनी से सदैव भेदभाव व सौतेला व्यवहार किया है। अनिल विज ने कहा कि जब तक उनके शरीर में सांस चल रही है तब तक वह अंबाला छावनी के विकास में दिन-रात सक्रिय नजर आएंगे। अनिल विज ने दावा किया कि पीजीआई से बेहतरीन एक्यूमेंट्स अंबाला कैंट में बनने वाले कैंसर अस्पताल में उपलब्ध है।

अनिल विज के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक -अम्बाला  कैंट में कैंसर हस्पताल का लोकार्पण भजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा  सोमवार को  करेंगे | 72 करोड़ रुपए की लागत से तैयार कैंसर अस्पताल में अभी अस्पताल में कीमो थैरेपी की जा रही है, ब्रैस्ट कैंसर से सम्बन्धित बीमारी का भी पंजीकरण शुरू हो चुका है। यहां कनसोल कक्ष, फिजिस्ट कक्ष, डीपीएस कक्ष, मोल्ड कक्ष, ब्रेको थरेपी के साथ-साथ कैंसर अस्पताल में बनाए गये है। अस्पताल में 18 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक रलीनियर एक्सीलेटर, 4 करोड़ रुपए की लागत से सिटी सिम्युलेटर मशीन व 4 करोड़ रुपए की लागत से ब्रेकी थ्रेरेपी मशीन लगाई जा चुकी है।

विज ने बताया कि जेपी नड्डा अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल परिसर पर में बनकर तैयार कैंसर अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। जेपी नड्डा शताब्दी एक्सप्रेस से सोमवार सुबह अंबाला छावनी पहुंचेंगे । उन्होंने कहा कि अम्बाला में सभी सुविधाओं से लैस कैंसर अस्पताल का निर्माण किया गया है जिसका उद्घाटन होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उद्घाटन समारोह में मौजूद रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस कैंसर अस्पताल से बड़ी संख्या में मरीजों को बेहतर ईलाज मिलेगा और उद्घाटन अवसर पर भव्य कार्यक्रम का यहां पर आयोजन किया जाएगा। 

उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अम्बाला छावनी में 72 करोड़ रुपए की लागत से चार मंजिला कैंसर अस्पताल तैयार किया गया है। 50 बिस्तरों के अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, डे-केयर, किमो थैरेपी, मोर्डन ओटी, रेडियो थैरेपी, ब्रेकी थैरेपी, सीटी सिम्युलेटर, मैमोग्राफी अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, कलर डापलर सहित ईलाज की अन्य कई सुविधाएं मिलेंगी। कैंसर अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं जैसे कि इमरजेंसी, लैब्रोटरी, रैफ्ररल ट्रांस्पोर्ट, किचन व रेडियोलोजी की सुविधा होगी। कैंसर अस्पताल की बिल्डिंग में ग्राउंड प्लस थ्री फ्लोर हैं। यह 50 बिस्तरों का अस्पताल है जिसमें ओपीडी, आईपीडी, डे केयर, किमो थैरेपी, मोर्डन ओटी, रेडियो थैरेपी, ब्रेकी थैरेपी, सीटी सिम्युलेटर, मैमोग्राफी अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, कलर डापलर इत्यादि की सुविधा मिलेगी। 

इन सुविधाओं को देने के लिए सरकार द्वारा स्पेलिस्ट डाक्टरों की टीम जैसे कि रेडिएशन ओनकोलिस्ट, मैडिकल ओनकोलिस्ट, सर्जिकल ओनकोलिस्ट, रेडिएशन टैक्नीशियन, आरएसओ व अन्य स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया की जा चुकी है तथा कईं लोग ज्वाईन कर चुके हैं। कैंसर अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं जैसे कि एमरजैंसी, लैब्रोटरी, रैफ्ररल ट्रांस्पोर्ट, किचन व रेडियोलोजी की सुविधा होगी। अंबाला कैंट मैं प्रदेश का अटल कैंसर केयर केंद्र का उद्घाटन अवसर पर मनोहर लाल खट्टर व गृह मंत्री अनिल विज के साथ-साथ रतन लाल कटारिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अंबाला भी मौजूद रहेंगे। आज गृह मंत्री अनिल विज ने तैयारियों का जायजा लिया जिसमें उन्होंने यहां की कमियों को जांचा और उनको ठीक कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिस परिवार में हो जाए केवल नाम सुनने से परिवार धराशाई हो जाता है। इसे इलाज के लिए उतने ही अधिक अस्पताल बनाने की जरूरत है। यह अस्पताल अंबाला के साथ-साथ उत्तर भारत के सभी साथ लगते सभी राज्यों को सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस अस्पताल में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस अस्पताल को बनाने में सभी लोगों की अधिकारियों की पूरी मेहनत है। दूसरी पार्टियों पर कटाक्ष करते हुए अनिल विज ने कहा कि हालांकि मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता। हालांकि अंबाला का पहले कभी विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो अंबाला का सोया हुआ हक है वह मैं यहां की जनता को दिलवा रहा हूं।

यह मुश्किलें आई प्रोजेक्ट में, गृह मंत्री के नेतृत्व में सभी हल हुई :
72 करोड़ रुपए की लागत से कैंसर अस्पताल का निर्माण किया गया है। निर्माण के समय कई चुनौतियां थी जिनमें जिसमें मंदिर को शिफ्ट करना, भूमिगत पानी का लेवल हाई होने पर फाउंडेशन समस्या, बिल्डिंग को ज्यादा ऊंचा नहीं उठा सकते इसके लिए एयरफोर्स से अनुमति लेना, रक्षा विभाग की जमीन लेना व बदले में अन्य जमीन ट्रांसफर करना व अन्य समस्याएं थी। मगर गृह मंत्री अनिल विज के विशेष प्रयासों से इन समस्याओं को कड़ी दर कड़ी दूर किया गया जिसके बाद अब आधुनिक कैंसर अस्पताल तैयार है जहां ईलाज की आधुनिक सुविधाएं यहां आने वाले मरीजों को मिलेगी।अनिल विज ने कहा कि यह आधुनिक सुविधाओं से लैस है। स्टाफ की नियुक्ति भी लगभग हो चुकी है। 75 का रेगुलर स्टाफ लगेगा।

मरीजों के उपचार और देखभाल की होगी सुविधा :
गृहमंत्री अनिल विज ने बताया कि बिल्डिंग के इस टर्सरी केयर सेंटर में कैंसर के सभी प्रकार के मरीजों के उपचार और देखभाल की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें कैमिकल, रेडियोग्राफी और सर्जरी सहित अन्य कई प्रकार की सुविधाएं शामिल हैं। यह प्रदेश का ऐसा पहला सरकारी कैंसर सेंटर होगा जहां आसपास के भी 50 लाख तक के मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्र सरकार द्वारा लगभग सभी प्रदेशों में टीसीसीसी और आरसीसीसी स्थापित करने करने का फैसला लिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की पहल पर जुलाई 2018 से हरियाणा के अंबाला छावनी में टीसीसीसी स्थापना का शुभारंभ हुआ। जिसमें केंद्र सरकार 60 और हरियाणा सरकार 40 फ़ीसदी का खर्च वहन करेगी।

लगभग 72 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट सब डिविजनल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के अधीन होगा। प्रदेश सरकार द्वारा टीसीसीसी के डिजाइन और मशीनरी उपलब्धि इत्यादि का कार्य एचआईटीईसी को सौंपा गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए काफी परेशानियों का भी सामना प्रदेश सरकार को उठाना पड़ा, जिसमें मंदिर को शिफ्ट करना, एयरपोर्ट से अनुमति लेना और डिफेंस से जमीन लेना इत्यादि। कई तरह की अड़चन प्रदेश के गृह स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की मदद से दूर हो पाई। अस्पताल का भवन पूरी तरह से तैयार हो चुका है और स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया है। अब जल्द-से-जल्द एचआईटीईसी मशीनें उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है।

अस्पताल में क्या-क्या सुविधाएं:
50 बैडिड की सुविधाओं वाले अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, डे केयर, कीमोथेरेपी, मॉडर्न ओटी, रेडियोथैरेपी- ब्रेकी थेरेपी, मैमोग्राफी, सिटी सिमुलेटर, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, कलर डॉपलर की व्यवस्थाओं से लैस होगा। जिसमें रेडिएशन ऑंकोलॉजिस्ट, मेडिकल ऑंकोलॉजिस्ट, सर्जिकल ऑंकोलॉजिस्ट, रेडिएशन टेक्निशियन व अन्य स्टाफ की भर्ती को लेकर प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। अस्पताल में इमरजेंसी, लेबोरेटरी, रेफरल ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सरकार द्वारा न्यूक्लियर मेडिसिन के अंतर्गत पीईटी सीटी सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव पास कर दिया गया है। उसके बाद यह कैंसर अस्पताल सही मायनों में जीवनदायिनी साबित होने वाला है।


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Content Writer

Manisha rana

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