PM मोदी के जींद दौरे पर कृष्ण मिड्ढा का बड़ा ऐलान, 51 क्विंटल देसी घी के लड्डू बांटेंगे
punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 04:07 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष एवं जींद से भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित जींद दौरे को जिले के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि यह अवसर जींद को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस दिन जींद की धरती पर ऐसा इतिहास लिखा जाएगा, जिसकी चर्चा आने वाले वर्षों तक होती रहेगी।
डॉ. मिड्ढा ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए घोषणा की कि प्रधानमंत्री के आगमन के उपलक्ष्य में वह 51 क्विंटल देसी घी के लड्डू वितरित करेंगे। उन्होंने कहा कि जींद उनकी जन्मभूमि है और इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाना उनका नैतिक दायित्व है। उनका उद्देश्य इस खुशी में जिले के अधिक से अधिक लोगों को सहभागी बनाना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाना केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय होगा। उनका दावा है कि इसके बाद पूरी दुनिया में जींद का नाम इस रूप में लिया जाएगा कि यहीं से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी, एचसीएस और अन्य परीक्षाओं में भी यह प्रश्न पूछा जाएगा कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ किस स्थान से हुआ था, और उसका उत्तर जींद होगा।
डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि महाभारत का युद्ध भले ही कुरुक्षेत्र में लड़ा गया हो, लेकिन उससे जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंग जींद की धरती से भी जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब आधुनिक भारत के विकास के इतिहास में भी जींद एक नई पहचान बनाने जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि उन्हें अवसर मिला तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष जींद में राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम स्थापित करने की मांग भी रखेंगे। उनका कहना है कि हरियाणा के खिलाड़ी देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन कर रहे हैं, इसलिए जींद जैसे जिले में आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास समय की आवश्यकता है। इससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और क्षेत्र में खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी।
डॉ. मिड्ढा ने कहा कि 17 जुलाई का दिन केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह जींद के विकास, पहचान और भविष्य की नई संभावनाओं का प्रतीक बनेगा। उन्होंने जिले के लोगों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने का आह्वान किया।