Landslide in Sikkim: पार्थिव शरीर नहीं मिला, पर यादें अमर हो गईं! भारतीय सेना ने सूबेदार को दिया सैन्य सम्मान
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 12:51 PM (IST)
बराड़ा (अनिल) : देश की सेवा करते हुए सिक्किम में लैंडस्लाइड हादसे के दौरान लापता हुए मुलाना के गांव साबा पुर निवासी भारतीय सेवा में सूबेदार धर्मवीर सिंह बलिदान हो गए। आज सुबह पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हे अंतिम विदाई दी गई। सेना के जवानों ने अपने साथी को सलामी देकर विदा किया। बलिदानी धर्मबीर का पार्थिव शरीर नहीं मिल पाया था, लेकिन भारतीय सेना अब उनको सम्मान के साथ विदाई देगी।
बता दें कि एक जून 2025 को सिक्किम के लाचेन क्षेत्र में आई भीषण लैंडस्लाइड के दौरान सूबेदार धर्मबीर सिंह लापता हो गए थे। हादसे के बाद भारतीय सेना ने उन्हें खोजने के लिए लगातार सर्च आपरेशन चलाया और हर संभव प्रयास किए, लेकिन लंबे समय तक चले प्रयासों के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका।
धर्मबीर सिंह ने वर्ष 1999 में भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। करीब 26 वर्षों तक उन्होंने पूरी निष्ठा और बहादुरी के साथ मातृभूमि की सेवा की। हादसे से लगभग एक साल पहले ही उनकी तैनाती सिक्किम में हुई थी। उनके परिवार में 22 वर्षीय बेटी सोनम और 19 वर्षीय बेटा विवेक हैं, जो अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी माता जवंत्री देवी हैं, जबकि पत्नी अनिता गृहिणी हैं। उनके पिता श्योराम का वर्ष 2021 में निधन हो चुका है। अब जब सेना अपने इस बहादुर सपूत को अंतिम विदाई दी है, तो गांव में शोक के साथ-साथ गर्व की भावना भी है। बलिदानी सूबेदार धर्मबीर को सेना सम्मान के साथ सलामी के साथ अंतिम विदाई दी , जिसमें गांव के सभी ग्रामीण शामिल हुए।
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