जीजा की हत्या के मामले में साले को उम्रकैद, 50 हजार का जुर्माना भी लगाया

punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 08:52 PM (IST)

तावडू, (ब्यूरो): पिनगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत नवंबर 2018 में जीजा की गोली मारकर हत्या करने के मामले में साढ़े छह साल बाद फैसला आ गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत ने गांव शिकरावा निवासी सतपाल (32) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त तीन माह की कैद भी भुगतनी होगी।

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मृतक सूरज के पिता रामचंद ने 4 नवंबर 2018 को पिनगवां थाने में दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसके बेटे की हत्या उसके साले सतपाल ने अपने भाइयों कल्लू और रिंकू के साथ मिलकर की। शिकायत के मुताबिक सतपाल ने सूरज को पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़े के बाद बुलाया और पिनगवां के जंगल में गोली मार दी। घायल सूरज को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों पर 302, 34, 120-B IPC और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान मुख्य आरोपी सतपाल को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल देशी कट्टा, कारतूस, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद किए गए।

 

पुलिस ने घटनास्थल से खून से सने कपड़े और खाली कारतूस भी सबूत के तौर पर कब्जे में लिए गए। पुलिस ने कल्लू और रिंकू को सबूत न मिलने पर आरोपमुक्त कर दिया। करीब छह साल तक अदालत में गवाहों के बयान और सबूतों पर सुनवाई चली। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों और पुलिस की रिपोर्टों पर भरोसा जताते हुए सतपाल को हत्या का दोषी करार दिया। उप-पुलिस अधीक्षक हरिन्द्र कुमार ने जानकारी दी कि यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। नूंह पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य एवं अभियोजन पक्ष ने अदालत में मजबूत तरीके से पैरवी की और सभी गवाहों व सबूतों के आधार पर यह साबित कर दिया कि हत्या सतपाल ने ही की थी। अदालत ने दोषी को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाते हुए मामलें का निपटारा कर दिया


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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