हरियाणा में इन कर्मचारियों को बड़ा झटका, अब 60 साल तक नहीं कर पाएंगे नौकरी.... जानिए क्या है वजह
punjabkesari.in Thursday, May 07, 2026 - 02:26 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के दिव्यांग कर्मचारियों के लिए एक निराशाजनक खबर है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है जिनमें सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं में रिटायरमेंट की उम्र तय करना सरकार का नीतिगत फैसला है।
क्या था विवाद?
हरियाणा के विभिन्न विभागों में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि उन्हें केंद्र सरकार या अन्य कुछ राज्यों की तर्ज पर 60 वर्ष की आयु तक सेवा करने का अधिकार मिलना चाहिए। कर्मचारियों का तर्क था कि दिव्यांगता के कारण उन्हें विशेष रियायत मिलनी चाहिए और उनकी सेवानिवृत्ति आयु सामान्य कर्मचारियों (58 वर्ष) से अधिक होनी चाहिए।
हाईकोर्ट का कड़ा रुख
हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु का निर्धारण पूरी तरह से राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। कोर्ट ने माना कि सरकार ने नियमों में बदलाव कर सभी के लिए मानक तय किए हैं और इसमें दखल देना उचित नहीं है।कोर्ट ने उन तमाम दावों को अमान्य करार दिया जिनमें 60 साल तक नौकरी करने को कानूनी अधिकार बताया गया था।
सरकार ने क्या बदले नियम?
हरियाणा सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 वर्ष ही रहेगी। सरकार ने तर्क दिया था कि एक समान नीति बनाए रखने और नए युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए आयु सीमा में विस्तार नहीं किया जा सकता। इस फैसले के बाद अब दिव्यांग कर्मचारियों को भी 58 वर्ष की आयु पूरी होते ही कार्यमुक्त होना होगा।