WFI का बड़ा फैसला: पहलवानों की उम्र के खेल पर लगेगी लगााम; अब जन्म प्रमाणपत्र नहीं, ऐसे होगा आयु सत्यापन

punjabkesari.in Sunday, Jun 21, 2026 - 02:44 PM (IST)

सोनीपत: अब पहलवानों की आयु की जांच जन्म प्रमाणपत्र से नहीं बल्कि आधार कार्ड से होगी। पहलवानों को आधार कार्ड के माध्यम से दोबारा दस्तावेज का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर हुए सभी पुराने आयु सत्यापन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। फैसला भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने लिया है। डब्ल्यूएफआई के सह सचिव विनोद तोमर ने बताया कि अध्यक्ष संजय सिंह ने पत्र जारी किया है कि छह से आठ जून तक यूपी के गोंडा में आयोजित अंडर-17 राष्ट्रीय रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे खिलाड़ी सामने आए हैं जो निर्धारित आयु सीमा से अधिक पाए गए हैं। इसके चलते कई पहलवानों को अयोग्य घोषित करना पड़ा। महासंघ ने पाया कि कई पंजीकृत खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पहुंचे ही नहीं। आशंका जताई कि आयु संबंधी विसंगतियां उजागर होने के डर से उन्होंने प्रतियोगिता से दूरी बनाई।

जांच में कुछ ऐसे पहलवान भी ओवरएज पाए गए जिनके दस्तावेजों का पूर्व में डब्ल्यूएफआई कार्यालय की तरफ से मूल प्रमाणपत्रों के आधार पर सत्यापन हो चुका था। इस पर डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने संबद्ध इकाइयों, बोडौं और खिलाड़ियों को निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य की प्रतियोगिताओं में भाग लेने से पहले आधार कार्ड के माध्यम से पुनः आयु सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।  

 


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Content Writer

Isha

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