हरियाणा होमगार्ड भर्ती स्कैम: ऑडियो-वीडियो सबूतों के साथ ACB की एंट्री, घिरे कई अफसर
punjabkesari.in Wednesday, May 20, 2026 - 02:10 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा होमगार्ड विभाग में भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। विभाग के कुछ कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार, पैसे लेकर भर्ती करने और सरकार को गुमराह करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर कथित लेन-देन के आधार पर अनुभवहीन लोगों को भर्ती किया। मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए कई धाराओं में केस दर्ज किया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से पैसे लिए गए। शिकायतकर्ताओं के अनुसार विभागीय अधिकारियों ने पूरे मामले को दबाने के लिए सरकार को गलत और भ्रामक रिपोर्ट भेजी। शिकायत में कहा कि जिन लोगों से कथित रूप से पैसे लिए, उन्हें न तो राशि लौटाई गई और न ही मामले में कोई उचित कार्रवाई की गई।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उनके पास कथित भ्रष्टाचार और लेन देन से जुड़ी ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों को सौंपा है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में योग्य उम्मीदवारों की बजाय अनुभवहीन लोगों को प्राथमिकता दी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। मामले में आरटीआई कानून का भी जिक्र किया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में विभागीय अधिकारियों ने गलत और भ्रामक सूचनाएं देकर वास्तविक तथ्यों को छिपाने छपाने की की कोशिश की।
अब जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग उठाई है। एसीबी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 8 और 13 (1) (डी) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
दिसंबर 2025 में सीएम विंडो पर दी गई थी शिकायत
मामले की शुरुआत गुरुग्राम में तैनात होमगार्ड कर्मवीर अलेवा की शिकायत से हुई। उन्होंने दिसंबर 2025 में सीएम विंडो पर शिकायत देकर आरोप लगाया था कि 3 नवंबर 2016 के बाद भर्ती प्रक्रिया बंद होने के बावजूद बैकडोर से कर्मियों की भर्ती की। उन्होंने ऐसे कर्मियों की ड्यूटी रद्द करने की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया कि पहले से कार्यरत जवानों को बिना नोटिस और बिना पक्ष सुने हटाया गया तथा उनकी जगह नई भर्ती कर दी गई। इसके अलावा वेलफेयर फंड के नाम पर 2023 से पहले करोड़ों काटने और जवानों को लाभ न देने के आरोप भी लगाए। शिकायतकर्ता ने सैलरी फाइल गलत तरीके से तैयार करने की भी बात कही थी।