"Manisha ने मर्डर नहीं, सुसाइड किया" CBI की रिपोर्ट से असंतुष्ट परिवार, पिता का गंभीर आरोप- 'सच दबाने के लिए की गई लीपापोती'
punjabkesari.in Friday, Aug 14, 2026 - 09:05 PM (IST)
पंचकूल (उमंग): हरियाणा की चर्चित शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी है। सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में मनीषा की मौत को 'हत्या' (मर्डर) नहीं, बल्कि 'आत्महत्या' (सुसाइड) करार दिया है। हालांकि, सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट से मृतका का परिवार पूरी तरह असहमत और आक्रोशित है। मनीषा के पिता ने जांच एजेंसी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में शुरू से ही लीपापोती की गई है और सच को दबाने का प्रयास किया गया है।
सीबीआई सूत्रों और रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े सभी फोरेंसिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अध्ययन किया। सीबीआई का निष्कर्ष है कि मनीषा की मौत में किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता या हत्या के सबूत नहीं मिले हैं, जिसके आधार पर इसे सुसाइड माना गया और केस बंद करने के लिए क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई।
"हम न्याय के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे"
क्लोजर रिपोर्ट की खबर आते ही मनीषा के पिता का दर्द और गुस्सा छलक पड़ा। उन्होंने कहा, "शुरू से ही जांच को भटकाने की कोशिश की गई है। सीबीआई ने भी निष्पक्षता से काम नहीं किया और मामले में लीपापोती कर दी। मेरी बेटी की हत्या हुई थी, उसने खुदकुशी नहीं की।" परिजनों ने स्पष्ट किया कि वे इस क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अदालत में प्रोटेक्ट याचिका (Protest Petition) दायर करेंगे और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
गौरतलब है कि शिक्षिका मनीषा की मौत के बाद हरियाणा भर में भारी आक्रोश देखने को मिला था। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और धरने दिए गए थे। जनता के भारी दबाव और निष्पक्ष जांच की मांग को देखते हुए इस मामले की जांच राज्य पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपी गई थी।