मिडिल ईस्ट संकट की मार ! पानीपत के कंबल कारोबार पर गहराया संकट, 150 कंटेनर बंदरगाहों पर अटके

punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 02:57 PM (IST)

पानीपत : पश्चिमी एशिया के देशों में बढ़ते तनाव का सीधा असर हरियाणा के पानीपत के टेक्सटाइल उद्योग पर देखने को मिल रहा है। कंबल और प्रेयर मैट के निर्यात के लिए मशहूर पानीपत का कारोबार इन दिनों सुस्त पड़ गया है। निर्यातकों का माल बंदरगाहों पर फंस गया है, वहीं नए ऑर्डर भी मिलने बंद हो गए हैं।

पानीपत से पश्चिमी एशिया के देशों में कंबल, मिंक कंबल और नमाज की चटाई (प्रेयर मैट) का हर साल लगभग 600 से 700 करोड़ रुपये का निर्यात होता है। इनमें इस्राइल प्रमुख बाजार रहा है। लेकिन पिछले एक महीने से इन देशों में जारी तनाव के चलते न तो नए ऑर्डर मिल रहे हैं और न ही पुराने ऑर्डर उठाए जा रहे हैं। खरीदारों ने भी अनिश्चितता के चलते माल लेने से हाथ खींच लिया है।

लगभग 100 करोड़ रुपये का भुगतान अटक गया

कंबल निर्यातक नितिन जिंदल के अनुसार, करीब 150 कंटेनर बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं। इस वजह से लगभग 100 करोड़ रुपये का भुगतान अटक गया है, जबकि करीब 150 करोड़ रुपये के ऑर्डर रद्द हो चुके हैं। इससे उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कई गुना बढ़ चुका है कंटेनर का किराया  

स्थिति को और गंभीर बनाते हुए माल ढुलाई (फ्रेट) का किराया दो से चार गुना तक बढ़ गया है। पहले जहां एक कंटेनर का किराया करीब 2000 डॉलर था, अब यह कई गुना बढ़ चुका है। इसके अलावा पॉलिएस्टर धागे और केमिकल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। रंगाई उद्योग ने भी 10 दिन पहले ही 25 प्रतिशत तक रेट बढ़ा दिए हैं, जिससे उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है।

श्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव ने व्यापार पर डाला असर :  धमीजा

हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि पानीपत से करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत व्यापार अकेले अमेरिका के बाजार में होता था। हालांकि, अमेरिका द्वारा पिछले साल टैरिफ 50 प्रतिशत बढ़ाने के बाद ऑर्डर आधे से भी कम रह गए। हाल ही में टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने की घोषणा से कुछ उम्मीद जगी थी, लेकिन पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव ने फिर से व्यापार पर असर डाल दिया है।

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Content Editor

Krishan Rana

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