Haryana Politics: ''भीतरघातियों'' के खिलाफ विधायक गोकुल सेतिया ने खोला मोर्चा, राहुल गांधी को टैग कर डाली पोस्ट
punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 03:18 PM (IST)
सिरसा: हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर 'क्रॉस-वोटिंग' के जिन्न ने हलचल तेज कर दी है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी के भीतर गुटबाजी की खबरों के बीच, सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया के एक कड़े बयान ने सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है। सेतिया ने अपनी ही पार्टी के उन चेहरों को बेनकाब करने की मांग की है, जिन्होंने गुप्त रूप से विपक्षी खेमे की मदद की।
"गद्दारों के नाम हों सार्वजनिक"
सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने एक संदेश में विधायक गोकुल सेतिया ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए 'क्रॉस-वोट' किया है, उनके नाम अब छिपे नहीं रहने चाहिए। सेतिया ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "हमारी पार्टी को क्रॉस-वोट करने वालों का नाम सार्वजनिक करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो यह आने वाले समय में संगठन के लिए बेहद घातक साबित होगा।" इस पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी को टैग भी किया है।

पार्टी की साख पर सवाल?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सेतिया का यह बयान सीधे तौर पर पार्टी आलाकमान के लिए एक चुनौती और मशविरा दोनों है। अक्सर चुनावों के दौरान 'भीतरघात' (Internal Betrayal) की खबरें आती हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से नाम उजागर करने की मांग कम ही नेता करते हैं। गोकुल सेतिया का तर्क है कि यदि इन 'दीमकों' को अभी नहीं पहचाना गया, तो वे भविष्य के बड़े चुनावों में पार्टी की नींव खोखली कर देंगे।
कार्यकर्ताओं में रोष और असमंजस
विधायक के इस स्टैंड के बाद जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में भी भारी सुगबुगाहट है। पार्टी समर्थकों का कहना है कि जो नेता दिन में वफादारी का दम भरते हैं और रात में विरोधियों से हाथ मिलाते हैं, उनका सच सामने आना ही चाहिए। फिलहाल, गेंद अब पार्टी हाईकमान के पाले में है। देखना यह होगा कि गोकुल सेतिया की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' वाली मांग पर नेतृत्व क्या फैसला लेता है। क्या चेहरों से नकाब हटेंगे या इस विवाद को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?