हर साल किसान तैयार कर रहा 2 करोड़ पौधे... कमा रहा 1.5 करोड़ रुपए, ऑस्ट्रेलिया से सीखी तकनीक

punjabkesari.in Sunday, Mar 22, 2026 - 11:53 AM (IST)

कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र जिले के गांव निवारसी के मोहित जैसे युवा किसान आज के समय में कृषि क्षेत्र के असली "रोल मॉडल" हैं। ऑस्ट्रेलिया से हॉर्टिकल्चर की पढ़ाई करके वापस अपनी मिट्टी में आधुनिकता का बीज बोना, यह दर्शाता है कि खेती अब केवल निर्वाह का साधन नहीं, बल्कि एक हाई-टेक बिजनेस बन चुकी है।

मोहित ने बताया कि उन्होंने 2011 में पोली हाउस तीन एकड़ में लगाया था। कुछ साल उन्होंने फूलों की खेती की। उसके बाद उन्होंने 2019-20 में हाईटेक नर्सरी शुरू की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट से जाकर ट्रेनिंग ली थी। हरियाणा में ग्राफ्टिंग विधि से सब्जी नर्सरी तैयार करने वाली यह इकलौती इकाई है। ग्राफ्टिंग से पौधे अधिक रोग-प्रतिरोधक और उच्च पैदावार देने वाले बनते हैं। सालाना 2 करोड़ पौधे तैयार करना कोई छोटी बात नहीं है। यह उनकी कार्यक्षमता और बाजार में उनकी साख को दर्शाता है। उनके द्वारा तैयार की गई नर्सरी हरियाणा के साथ-साथ देश के कई  राज्यों में सप्लाई हो रही है। जिस से वह साल में डेढ़ करोड़ तक का टर्नओवर ले रहे हैं। उनके साथ करीब 50000 किसान जुड़े हुए हैं।

PunjabKesari

मोहित  3 एकड़ जमीन में सालाना में कमा 1.5 करोड़

मोहित का 3 एकड़ जैसी कम जमीन से 1.5 करोड़ रुपये सालाना कमाना "स्मार्ट फार्मिंग" का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने अपने फार्म पर हाइटेक लैब स्थापित क्यों हुई है, जिसमें वह ग्राफ्टिंग करते हैं। उसके साथ-साथ आप पर उनका टेंपरेचर मेंटेन रखा जाता है। उनके पास दूर-दूर से किसान खुद बीज लेकर आते हैं और अपनी नर्सरी तैयार करते हैं जो जल्दी तैयार हो जाती है।  उन्होंने 30 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देकर वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहे हैं। खास तौर पर यह है ग्रामीण परिवेश की महिलाओं के लिए अच्छी बात है कि उनका काम करने के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ता। 

मोहित ने बताया कि हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी उनकी नर्सरी सप्लाई होती है। यह सिद्ध करता है कि किसान अब केवल उत्पादक नहीं, बल्कि एक सफल सप्लायर और ब्रांड बन चुके हैं। मोहित जिस ग्राफ्टिंग विधि का उपयोग कर रहे हैं, उसके कई वैज्ञानिक लाभ हैं। मजबूत जड़ों वाले पौधों पर ग्राफ्टिंग करने से बीमारियां कम लगती हैं। ग्राफ्टेड पौधों की जड़ें गहराई तक जाती हैं। साधारण पौधों के मुकाबले ये पौधे ज्यादा समय तक पैदावार देते हैं।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)    


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Manisha rana

Related News

static