जर्मन तकनीक से सीवर ओवरफ्लो की समस्या खत्म करेगा नगर निगम

punjabkesari.in Wednesday, Jun 15, 2022 - 10:35 AM (IST)

फरीदाबाद: सीवर ओवरफ्लो से परेशान शहर के लोगों के लिए राहत वाली बात है। निगम की जर्मन तकनीक पूरी तरह से सफल रही तो सीवर ओवरपफ्लो की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।  निगम जर्मनी की तकनीक से मिर्जापुर और प्रतापगढ़ में दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा रहा है। इसका सिविल वर्क करीबन 45 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह दोनो प्रोजेक्ट सीएम अनाउंसमेंट के तहत कराए जा रहे हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 248 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है। 
खास बात यह है कि इन दोनों एसटीपी बनने के बाद काफी हद तक पेयजल संकट भी खत्म हो जाएगा। क्योंकि एसटीपी से पानी ट्रीट कर उसे औद्योगिक, कंस्ट्रेक्सन साइटों और पार्कों में प्रयोग किया जाएगा। अभी इन जरूरतों को पूरा करने के लिए पेयजल का प्रयोग किया जा रहा है।

80 और 100 एमएलडी का बनाया जाएगा एसटीपी 
नगर निगम के एसई ओमवीर सिंह ने बताया कि मिर्जापुर में बनने वाला एसटीपी 80 एमएलडी और प्रतापगढ़ में बनने वाला एसटीपी 100 एमएलडी का है। ऐसे में दोनों एसटीपी की क्षमता 180 एमएलडी की हो जाएगी। इसके अलावा सेक्टर 25 कृष्णा कॉलोनी में बना डिस्पोजल भी अपग्रेड किया जा रहा है। ओमवीर सिंह ने बताया कि एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार मिर्जापुर और प्रतापगढ़ में बन रहे एसटीपी एसबीआर तकनीक से बनाया जा रहा है।  दोनों एसटीपी स्कॉडा सिस्टम के
अनुसार काम करेगी। 

अर्थात सीवर का कितना पानी आ रहा है, कितना ट्रीट किया जा रहा है। ट्रीट होने वाले पानी की गुणवत्ता क्या है आदि की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकेगी। यही नहीं किसी भी समस्या को ऑनलाइन देखा जा सकेगा। पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए इनलाइजर भी लगाया जाएगा। यह एक प्रकार से सैंपलिंग लैब होगी। उन्होंने बताया कि ट्रीट पानी का प्रयोग उद्योगों, कंस्ट्रक्शन साइटों, पार्कों के रखरखाव और प्रदूषण नियंत्रित करने के  लिए पानी छिड़काव में प्रयोग किया जाएगा।


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Content Writer

Isha

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