हरियाणा में भूमि रिकॉर्ड के लिए नया सिस्टम लागू, संपत्ति मालिकों को मिलेगा बड़ा लाभ
punjabkesari.in Wednesday, Jun 10, 2026 - 02:47 PM (IST)
चंडीगढ़ : संपत्ति से जुड़ी सेवाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से एक बड़े नागरिक केंद्रित सुधार के तहत, हरियाणा सरकार ने अपने भूमि रिकॉर्ड प्रशासन में व्यापक बदलाव किया है। इसके तहत पिछले 6 महीनों के भीतर लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों में 90 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है और अब राज्यभर में एक ऑटो-म्यूटेशन प्रणाली लागू की जा रही है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह पहल राजस्व सेवाओं की डिलीवरी में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है। इसे भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी संचालित बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस सुधार प्रक्रिया की प्रमुख उपलब्धियों में से एक सभी पुराने दाखिल-खारिज रिकॉर्डों का एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सफल माइग्रेशन (स्थानांतरण) रहा है। इस ऐतिहासिक डाटा के एकीकरण ने अधिकारियों को वास्तविक समय (रियल टाइम) में जिलों के दाखिल-खारिज मामलों की निगरानी करने और पूरे राजस्व प्रशासन प्रणाली में जवाबदेही को बेहतर बनाने में सक्षम बनाया है।
इस गहन सफाई और डिजीटलीकरण अभियान के परिणामस्वरूप, राज्य भर में लंबित दाखिल खारिज के मामले लगभग 5 लाख से घटकर करीब 50,000 रह गए हैं। शेष बचे मामलों को निपटाने के लिए एक विशेष 10 दिवसीय अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को प्राथमिकता के आधार पर सभी लंबित मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस सुधार से लाखों संपत्ति मालिकों के समय और प्रयास की बचत होने की उम्मीद है। पंजीकरण और दाखिल-खारिज रिकॉर्ड के एक साथ अपडेट होने से सटीकता में भी सुधार व्होगा और पुराने मालिकाना रिकॉर्ड के कारण होने वाले विवादों की संभावना कम होगी।