नई टैक्स नीति: अब संपत्ति के उपयोग के हिसाब से लगेगा प्रॉपर्टी टैक्स, जानिए आम लोगों की जेब पर कितना पड़ेगा असर

punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 04:18 PM (IST)

चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की पहल पर राज्य सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था में व्यापक बदलाव करते हुए नई कैपिटल वैल्यू आधारित प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और न्यायसंगत बनाना है। अब किसी संपत्ति का टैक्स केवल उसके क्षेत्रफल से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक उपयोग के आधार पर भी निर्धारित किया जाएगा। इससे व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रही संपत्तियों का कर निर्धारण अधिक सटीक होगा, जबकि सामान्य आवासीय संपत्तियों के हितों की भी रक्षा की जाएगी।

अब हर संपत्ति की बनेगी अलग टैक्स प्रोफाइल
नई प्रणाली के तहत टैक्स निर्धारण में प्लॉट या कारपेट एरिया, कलेक्टर रेट, फ्लोर फैक्टर और संपत्ति के वास्तविक उपयोग को आधार बनाया जाएगा। पीजी, हॉस्टल, क्लीनिक, कोचिंग सेंटर, बैंक, होटल, गोदाम, औद्योगिक इकाइयों, पेट्रोल पंप, मोबाइल टावर, मॉल और मैरिज पैलेस जैसी विभिन्न गतिविधियों के लिए अलग-अलग गुणांक तय किए गए हैं। इससे एक ही आकार के दो मकानों का टैक्स उनके उपयोग के अनुसार अलग-अलग हो सकेगा।

छोटे मकान मालिकों के हितों का रखा गया ध्यान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल आवासीय उपयोग वाले छोटे मकानों पर अचानक अतिरिक्त कर का बोझ नहीं डाला जाएगा। टैक्स वृद्धि को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। वहीं, जिन संपत्तियों से व्यावसायिक आय अर्जित की जा रही है, उनके लिए अलग और तर्कसंगत कर व्यवस्था बनाई गई है।

पुरानी व्यवस्था के तहत भी मिलेगा एक माह का विकल्प
नई अधिसूचना लागू होने के बाद संपत्ति मालिकों को एक महीने तक वर्ष 2013 की पुरानी टैक्स व्यवस्था के अनुसार कर जमा करने का विकल्प मिलेगा। जिन लोगों ने वर्ष 2026-27 तक का टैक्स पहले ही जमा कर दिया है, उन पर तत्काल कोई अतिरिक्त वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही 2025-26 और उससे पहले के बकाया कर एवं ब्याज पर भी नई प्रणाली लागू नहीं होगी।

गलत जानकारी देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
नई व्यवस्था सेल्फ-डिक्लेरेशन आधारित होगी। यदि कोई संपत्ति मालिक वास्तविक उपयोग छिपाता है या गलत जानकारी देकर कम टैक्स देने का प्रयास करता है तो उस पर ब्याज, दोगुना जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

महिलाओं, दिव्यांगों और ईमानदार करदाताओं को राहत
नई नीति में महिलाओं के नाम दर्ज आवासीय संपत्तियों पर 25 प्रतिशत, दिव्यांगों को 10 प्रतिशत, समय पर टैक्स जमा करने वालों को 10 प्रतिशत तथा लगातार तीन वर्ष तक नियमित करदाता रहने वालों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। धार्मिक स्थलों, सरकारी अस्पतालों, सरकारी शिक्षण संस्थानों, गोशालाओं, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, श्मशान-कब्रिस्तान तथा कृषि उपयोग वाली संपत्तियों सहित कई श्रेणियों को कर से छूट देने का प्रावधान भी बरकरार रखा गया है।

विपुल गोयल बोले: पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ेगा विकास का राजस्व
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि नई प्रॉपर्टी टैक्स प्रणाली का उद्देश्य कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और न्यायसंगत बनाना है। उन्होंने कहा कि संपत्ति का कर उसके वास्तविक उपयोग के आधार पर तय होगा, जिससे छोटे आवासीय संपत्ति मालिकों के हित सुरक्षित रहेंगे और व्यावसायिक उपयोग वाली संपत्तियों के लिए तर्कसंगत व्यवस्था लागू होगी। उनके अनुसार इस सुधार से ईमानदार करदाताओं को राहत मिलेगी, कर संबंधी विवाद कम होंगे और शहरी निकायों को विकास कार्यों के लिए मजबूत राजस्व आधार प्राप्त होगा।


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Content Writer

Isha

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