हरियाणा में SIR का पहला चरण पूरा, 26 लाख लोगों के नाम, पता, उम्र व रिश्तों में मिली गड़बड़ी...18 लाख लोगों को जाएगा नोटिस
punjabkesari.in Sunday, Jul 26, 2026 - 10:41 AM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण में 26 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां सामने आई हैं। यह गड़बड़ियां नाम, पता, उम्र या अन्य विवरण को लेकर हैं। निर्वाचन आयोग ने रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए दो महीने का समय दिया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि एसआईआर का पहला चरण पूरा हो गया है। राज्य में 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार से अधिक मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए थे। इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 71 हजार 361 ने फॉर्म भर जमा करवा दिया है। जांच में 26 लाख से अधिक के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां मिली हैं।
उन्होंने बताया कि पहले बीएलओ रिकॉर्ड की जांच करेगा। उसकी रिपोर्ट से निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी संतुष्ट होने पर रिकॉर्ड में सुधार कर दिया जाएगा। यदि किसी मामले में संतुष्टि नहीं होती है तो संबंधित मतदाता को नोटिस भेजा जाएगा। उसे निर्धारित समय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखना होगा।
उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद 28 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम, पता और उम्र जरूर जांच लें। यदि कोई त्रुटि मिले तो तय समय में उसे ठीक करा लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा।
18 लाख मतदाताओं की मेपिंग नहीं हुई
18 लाख मतदाताओं की वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी है। ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा। समय पर जवाब नहीं देने पर उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। फरीदाबाद में 22 फीसदी, गुरुग्राम में 16.53 फीसदी, अंबाला में 12.55 फीसदी और पंचकूला में 10.55 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है।
ऐसी गड़बड़ियां मिलीं
- महीने से कम का अंतर।
- माता-पिता और बच्चे की उम्र में 15 साल से कम या 50 साल से अधिक का अंतर।
- दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र में 40 साल से कम का अंतर।
- वर्तमान और पुरानी सूची में माता- पिता के नाम व रिश्ते अलग-अलग।
- महिलाओं का नाम एक सूची में पति और दूसरी में पिता के नाम से दर्ज।
33.84 लाख मतदाताओं के नाम दर्ज नहीं
33 लाख 84 हजार 568 मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज नहीं हो सके। इनमें 13.75 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं। 7.66 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। 2.04 लाख पहले से सूची में दर्ज मिले। 9.36 लाख मतदाता अनुपस्थित पाए गए जबकि 1.01 लाख से अधिक ने गणना प्रपत्र जमा नहीं कराया।
ये लोग भर सकते हैं फॉर्म-6
जिनका नाम सूची से छूट गया है या जिन्होंने गणना प्रपत्र जमा नहीं किया, वे भी फॉर्म-6 भर सकते हैं। फॉर्म-7 नाम हटाने व फॉर्म-8 नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए भरा जा सकता है।एसआईआर में लापरवाही बरतने पर 54 बीएलओ को निलंबित किया गया। इनमें कुरुक्षेत्र में 2, करनाल 17, सोनीपत 4, जींद 4, रोहतक 3, झज्जर 5, महेंद्रगढ़ 3, गुरुग्राम 2, मेवात 9, पलवल 2 व फरीदाबाद के 3 बीएलओ हैं।