''निरोगी हरियाणा'' का कीर्तिमान,1 करोड़ लोगों की हुई मुफ्त स्क्रीनिंग... 5.86 करोड़ लैब टेस्ट का बना रिकॉर्ड

punjabkesari.in Thursday, Apr 23, 2026 - 07:17 PM (IST)

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के प्रमुख निवारक स्वास्थ्य कार्यक्रम 'निरोगी हरियाणा' ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अब तक, इस योजना के तहत एक करोड़ से ज़्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जबकि 5.86 करोड़ से ज़्यादा लैब टेस्ट मुफ्त किए गए हैं। इससे राज्य में बीमारियों की समय पर पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को व्यापक बढ़ावा मिला है।

हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही।

उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल, 2026 तक इस योजना के तहत अंत्योदय परिवारों के 1,00,07,430 लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए शुरू की गई इस पहल के तहत 5,86,60,875 मुफ्त लैब टेस्ट किए गए हैं, जिससे हजारों परिवारों का खर्च कम हुआ है।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह योजना उन परिवारों के लिए लागू की गई थी जिनकी वार्षिक आय 1.8 लाख रुपये तक थी। अब इसका विस्तार करके इसमें उन परिवारों को भी शामिल किया गया है जिनकी आय 3 लाख रुपये तक है। इस बदलाव के साथ, लाभार्थियों की संख्या 1.59 करोड़ से बढ़कर लगभग 2.30 करोड़ हो गई है। तीसरे चरण में, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को, उनकी आय की परवाह किए बिना, इस योजना में शामिल किया जा रहा है। इस कदम को बुजुर्गों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम अब केवल अस्पतालों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के घर-घर तक पहुँच रहा है। इसके तहत 1,11,116 आउटरीच शिविर (कैंप) आयोजित किए गए, जिनमें 38.63 लाख से ज़्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 12,579 शिविर लगाकर लगभग 2.8 लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं। इसके अलावा, 25,907 आंगनवाड़ियों, 14,316 स्कूलों और 13,034 औद्योगिक और ज़्यादा जोखिम वाले इलाकों में स्क्रीनिंग की गई है, ताकि सभी उम्र के लोग और सभी इलाकों के लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।

उन्होंने कहा कि 'निरोगी हरियाणा' कार्यक्रम उम्र के हिसाब से स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की सुविधाएँ देता है। इसमें शारीरिक जाँच, ज़रूरी शारीरिक संकेतों की निगरानी, ​​लैब टेस्ट, बीमारियों की पहचान, इलाज और ज़रूरत के हिसाब से बड़े अस्पतालों में भेजने जैसी सेवाएँ शामिल हैं। यह कार्यक्रम एनीमिया, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, कैंसर और जन्मजात बीमारियों जैसी बीमारियों का समय पर पता लगाना सुनिश्चित करता है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि इसके ज़रिए कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती दौर में ही पता चल गया है। कैंसर, दिल की बीमारी, नर्वस सिस्टम से जुड़ी दुर्लभ बीमारियों और गंभीर एनीमिया से पीड़ित मरीज़ों को समय पर बड़े मेडिकल संस्थानों में भेजा गया और उनका इलाज किया गया, जिससे कई लोगों की जान बचाने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा के अनुसार, अब यह कार्यक्रम 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को कवर करेगा, चाहे उनकी आय कुछ भी हो। यह कदम वरिष्ठ नागरिकों को एक बड़ा सुरक्षा कवच देगा। इस योजना के तहत अब तक कुल 8,69,966 बीमारियों की पहचान की गई है। इनमें एनीमिया के 2,99,090 मामले, हाई ब्लड प्रेशर के 1,33,528 मामले, डायबिटीज़ के 1,05,238 मामले, दिल की बीमारी के 6,410 मामले, कैंसर के 1,257 मामले और टीबी के 3,518 मामले शामिल हैं।

यह पहल शुरुआती 32 जगहों से बढ़कर पूरे राज्य में 2,000 से ज़्यादा स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँच गई है। इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करने में एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, मज़बूत लैब नेटवर्क, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारियों और लगातार निगरानी प्रणाली ने मदद की है, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित हुई है।


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Isha

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