फरीदाबाद को छोड़ शेष सभी 21 जिलों में घटी मतदाताओं की संख्या

7/30/2020 1:06:01 PM

चंडीगढ़(धरणी): हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ ) की  वेबसाइट पर वर्तमान में अपलोड  हरियाणा के सभी ज़िलों में कुल रजिस्टर्ड मतदाताओं की संख्या इस वर्ष 1 जनवरी 2020 की योग्यता तिथि के आधार पर  एवं 10 फरवरी 2020  को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूचियों  के अनुसार 1 करोड़ 82 लाख 69 हज़ार 60 हैं जिसमे 98 लाख 12 हज़ार 35 पुरुष और 84 लाख 56 हज़ार 772 महिला मतदाता। इनमें से 1 लाख 8 हज़ार 536 सर्विस मतदाता जबकि 253 ट्रांसजेंडर (किन्नर ) मतदाता है। लिखने योग्य है कि गत वर्ष 4 अक्तूबर 2019 को अर्थात हरियाणा विधानसभा आम चुनावो से ठीक पहले  प्रकाशित प्रदेश के आधिकारिक मतदाताओं की संख्या  1 करोड़ 83 लाख 90 हज़ार 525 थी। इस प्रकार अक्टूबर 2019 और फरवरी 2020 के मध्य अर्थात चार माह  में हरियाणा में कुल मतदाताओं की संख्या 1 लाख 21 हज़ार  465  घट गयी है।

बहरहाल इसी बीच हाईकोर्ट के एडवोकेट एवं कानूनी विश्लेषक  हेमंत कुमार ने 10 फरवरी 2020 को जारी  ड्राफ्ट मतदाताओं की  संख्या के डाटा  का ज़िलेवार गहन अध्ययन करने के बाद  बताया कि हरियाणा के सभी 22 ज़िलों में केवल फरीदाबाद जिला ही एक ऐसा जिला है जहाँ अक्टूबर, 2019 से फरवरी, 2020 के बीच मतदाताओं की संख्या 1389 बढ़ी है. गत वर्ष फरीदाबाद ज़िले में 15 लाख 12 हज़ार 47 मतदाता थे जबकि इस वर्ष फरवरी में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची अनुसार इनकी संख्या 15 लाख 13 हज़ार 436 हो गयी।

हेमंत ने आगे बताया कि  सबसे अधिक मतदाताओं की संख्या महेंद्रगढ़ ज़िले में कम हुई है. गत वर्ष विधानसभा चुनावो में यहाँ 6 लाख 80 हज़ार 935 मतदाता थे जो इस वर्ष फरवरी में 6 लाख 57 हज़ार 107 हो गए  अर्थात इस संख्या में  23 हज़ार 828 की कमी आई हैं। इसके बाद पानीपत ज़िले में  23 हज़ार 402 मतदाता घटे  हैं। गत वर्ष यहाँ 8 लाख 47 हज़ार 821 मतदाता थे जो इस वर्ष घटकर 8 लाख 24 हज़ार 419 हो गए. इसके बाद हिसार जिला आता हैं जहाँ 20 हज़ार 977 मतदाता कम हुए हैं। गत वर्ष यहाँ 12 लाख 44 हज़ार 503 मतदाता थे जो बीती फरवरी में 12 लाख 23 हज़ार 526 हो गए।

इसके बाद रेवाड़ी ज़िले का नंबर हैं जहाँ उक्त चार माह की अवधि में 16 हज़ार 340 मतदाता घटे, उसके बाद मेवात जिला है जहाँ 15 हज़ार 768 मतदाता कम हुए हैं जबकि  फतेहाबाद में 14 हज़ार 463 मतदाता घटे। प्रदेश के मुख्यमन्त्री का चुनावी क्षेत्र सीएम सिटी  करनाल, में 14 हज़ार 92 मतदाता, भिवानी ज़िले में 13 हज़ार 802 मतदाता, चरखी दादरी में 13 हज़ार  636 मतदाता कैथल ज़िले में 13 हज़ार 115 मतदाता,  कुरुक्षेत्र ज़िले में 11 हज़ार 883 मतदाता और  झज्जर ज़िले में 11 हज़ार 680 मतदाता घटे हैं।

उन्होंने बताया की प्रदेश में सबसे कम मतदाता पंचकूला ज़िले में कम हुए हैं जिनकी संख्या 721  हैं. इसके बाद सिरसा ज़िले में 2403,अम्बाला ज़िले में 2988 , गुरुग्राम में 3708,  जींद में 4867 सोनीपत में 5477, रोहतक में 5607, पलवल में 5802 और यमुनानगर में 6831 मतदाता कम हुए हैं। हेमंत ने बताया कि हालांकि  इस वर्ष   10 फरवरी  तक हरियाणा के मतदाताओं की संख्या को ड्राफ्ट मतदाता रोलज़  के रूप में दर्शाया जा रहा है जिन्हें फाइनल रूप से प्रकाशित करने पर उक्त कुल  संख्या  में बदलाव आ सकता है परन्तु प्रश्न यह अवश्य उठता है कि इतनी संख्या में प्रदेश और अम्बाला ज़िले में  कुल मतदाताओं की संख्या में गिरावट का क्या कारण है ? आम तौर पर रजिस्टर्ड मतदाता  की मृत्यु या उनके अपने क्षेत्र से किसी दूसरे क्षेत्र में  स्थानांतरण के कारण ही उसका नाम मतदाता सूची से काटे जाते है।

हेमंत ने बताया कि प्रदेश के वर्तमान 22 ज़िलों में सबसे अधिक विधानसभा क्षेत्र  हिसार ज़िले में सात है जबकि फरीदाबाद और सोनीपत में यह छः-छः हैं, करनाल, जींद और सिरसा में पांच पांच, अम्बाला, यमुनानगर,कुरुक्षेत्र,कैथल,पानीपत,भिवानी, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़,गुरुग्राम में चार -चार, फतेहाबाद, मेवात, रेवाड़ी  और पलवल में तीन तीन एवं पंचकूला और चरखी दादरी में दो-दो विधानसभा हलके हैं। इस वर्ष 10 फरवरी को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूचियों अनुसार गुडगाँव जिले का  बादशाहपुर  विधानसभा सभा हलका   मतदाताओं की संख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा है जहाँ  3 लाख 97  हज़ार 692 मतदाता रजिस्टर्ड  है जबकि महेंद्रगढ़ जिले का नारनौल विधानसभा हल्का प्रदेश इस दृष्टि से  सबसे छोटा है जहाँ मात्र 1 लाख 39   हज़ार 919   मतदाता पंजीकृत  हैं। 

 

 


Isha

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