विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर मानव तस्करी करने का चल रहा था गोरखधंधा, एक काबू
punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 08:16 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): करीब डेढ़ महीने पहले साइबर थाना मानेसर में दर्ज एक मुकदमे में एक शिकायतकर्ता ने बताया कि थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके भाई को भाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर शिकायतकर्ता के भाई को थाईलैंड भेजकर फिर वहां से म्यामार ले जाया गया, जहां साइबर ठगी करने के लिए दबाव बनाया गया। जबकि शिकातयकर्ता के भाई ने ऐसा करने मना किया तो उसे मारने की धमकी देकर भारत वापस भेजने के नाम पर चार लाख रुपए वसूलने के बाद भी शिकायतकर्ता के भाई को वापस नही भेजा। बाद में म्यामांर की सेना द्वारा वहां से शिकायतकर्ता का भाई भगाने के बाद वापस लौट पाया।
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एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दिवान के नेतृत्व में मानेसर साइबर क्राइम थाना के इंस्पेक्टर मनोज कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 22 नवंबर 2025 को हिसार से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान संदीप (24 वर्ष) निवासी गांव हरिता, जिला हिसार व मुकुल (26 वर्ष) निवासी महावीर कॉलोनी (हिसार) के रूप् में हुई।
इस मामले में मानेसर साइबर क्राइम थाना प्रभारी मनोज कुमार की टीम ने एक आरोपी को गत वीरवार को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान योगेश कुमार निवासी गांव बोहड़ाकलां गुरुग्राम के रूप में हुई। आरोपी योगेश ने पूछताछ में बताया कि मई-2025 में वह म्यांमार गया था, जहां ये चाइना मूल के लोगों से मिला और वह उनके साथ मिलकर साइबर फ्रॉड के काम करने लगा। चाइनीज लोग अवैध तरीके के काम/ठगी के लिए भारत से युवाओं को बुलाते है, जिसके बदले वह कमीशन के तौर पर प्रत्येक व्यक्ति के करीब 5/6 हजार थाई बाट (थाईलैंड की करेंसी) देते हैं। एजेंट को अलग से कमीशन देते है। आरोपी योगेश ने आरोपी संदीप के साथ मिलकर भारत से युवाओं को बुलाकर कमीशन कमाने में शामिल पाया गया और यह टेलीग्राम व इंस्टाग्राम के माध्यम से भारत में युवाओं से सम्पर्क करता और भारत के युवाओं को थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाता।
इसके बाद उन्हें अवैध तरीके से थाईलैंड से म्यांमार ले जाता, फिर वहां ले जाकर चाईना मूल के लोगों द्वारा संचालित साइबर ठगी के कार्य में भारतीय युवाओं को झोंक देता। जब कोई व्यक्ति इसका विरोध करते तो उन्हें ये मारने की धमकी देते हुए वापस भेजने के लिए मोटी रकम वसूलते। इस मामले में भी योगेश व संदीप ने पीङित को थाईलैंड बुलाया था और भारत वापस भेजने के बदले उससे चार लाख रुपए वसूल किए थे। यह चार लाख रुपए आरोपी संदीप द्वारा अपने साथी आरोपी मुकुल के बैंक खाते में ट्रांसफर कराए गए थे। आरोपी को म्यांमार से 8 जनवरी 2026 को दिल्ली डिपोर्ट किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जा से एक मोबाइल फोन व एक सिम कार्ड बरामद किया है। पुलिस द्वारा आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस इस मामले में अब तक तीन आरोपी संदीप, मुकुल व योगेश को गिरफ्तार कर चुकी है।