हरियाणा में पंचायतों को मिले बड़े अधिकार, अब खुद काट सकेंगी अवैध पानी के कनेक्शन...जानिए नए नियम
punjabkesari.in Sunday, May 17, 2026 - 04:57 PM (IST)
डेस्क: हरियाणा की पंचायतें अब ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था के संचालन और निगरानी के लिए अधिक सक्षम होंगी। जनस्वास्थ्य विभाग ने नई ऑपरेशनल पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत पंचायतों को पेयजल आपूर्ति प्रबंधन, संचालन और आवश्यक निर्णय लेने के अधिकार दिए गए हैं। पंचायतें अब पेयजल दरों में संशोधन, नई दरें लागू करने और अवैध कनेक्शन काटने तक की कार्रवाई कर सकेंगी। प्रदेश में इस योजना को पहले चरण में करीब 4 हजार ऐसे गांवों में लागू किया जाएगा, जहां केवल एक ही ग्राम पंचायत है।
पंचायतें पेयजल और सीवरेज कार्यों की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय ग्राम जल एवं सीवरेज समिति गठित करेंगी। इसमें जनस्वास्थ्य विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई), ग्राम सचिव, पंप ऑपरेटर और ग्राम पंचायत के जागरूक नागरिक शामिल होंगे। यह समिति नई पाइपलाइन बिछाने, मरम्मत कार्य, पेयजल आपूर्ति संचालन और निगरानी जैसे कार्यों को देखेगी। ग्राम सभाओं के माध्यम से नए प्रस्ताव भी पारित कराए जा सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत पंचायतों को अवैध और दूषित पानी के कनेक्शन काटने, अनियमित कनेक्शन नियमित कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने और एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार भी होगा।
जनस्वास्थ्य विभाग दो चरणों में योजना लागू करेगा। पहले चरण में एकल गांव वाली पंचायतों को शामिल किया गया है, जबकि दूसरे चरण में एक से अधिक गांवों वाली पंचायतों को जोड़ा जाएगा। पानी के कनेक्शन, बिल वसूली और नमूने लेने जैसे कार्यों के लिए प्रत्येक 500 घरों पर एक महिला तैनात की जाएगी। इससे अधिक घर होने पर दो महिलाओं की नियुक्ति होगी। महिलाओं को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी और पंचायतें उनके बैंक खाते खुलवाने में मदद करेंगी। गवर्नमेंट कम्युनिटी पार्टनरशिप (जीसीपी) मॉडल के तहत लागू इस नीति में पंचायतों और जनस्वास्थ्य विभाग के बीच पांच वर्ष के लिए समझौते किए जाएंगे।