गुड़गांव में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़, फिलीपींस से संचालित था गैंग, नेपाल के रास्ते भारत भेजे जाते थे उपकरण
punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 10:28 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): साइबर क्राइम थाना वेस्ट की टीम ने फिलीपींस/कंबोडिया से संचालित साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पांच अलग-अलग शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच केस दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी को पुलिस ने गत 22 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि चीन-नेपाल- बिहार के रूट के माध्यम से अवैध उपकरणों की सप्लाई की जा रही है। पुलिस ने सभी मामलों में 15 सिम बॉक्स, सात वाईफाई टापो कैमरा विद हुमन डिटेक्शन, सात वाई-फाई राउटर्स, सात इनवर्टर, 42 बैटरी, 29 टापो वाई-फाई स्विचस, 28 इथरनेट वायर, 504 सिम कार्ड, एक रेलवे टिकट, चाइना कार्टून बॉक्स बरामद किए हैं।
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साइबर क्राइम थाना वेस्ट व साउथ पुलिस को दी अलग-अलग शिकायतों में मकान मालिकों ने बताया कि उनके किरायेदारों द्वारा उनके मकानों में अवैध रूप से सिम बॉक्स (जीएसएम गेटवे) का संचालन किया जा रहा है। जिसका उपयोग अनधिकृत दूरसंचार गतिविधियों व साइबर अपराध को अंजाम देने में किया जा सकता है। इन शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम वेस्ट, गुरुग्राम में चार केस दर्ज किए जबकि साइबर क्राइम थाना साउथ में एक केस दर्ज किया गया।
डीसीपी ईस्ट गौरव राजपुरोहित ने बताया कि एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान की अगुवाई में एसआईटी ने की छापेमारी की गई। जिसमें शिकायतकर्ताओं को साथ लेकर यू-ब्लॉक, गुरुग्राम, चकरपुर में अलग-अलग कमरों/स्थानों से अवैध रूप से संचालित 13 सिम बॉक्स, सात वाईफाई टीएपीओ कैमरा विद हुमन डिटेक्शन, सात वाई-फाई राउटर्स, सात इनवर्टर, 42 बैटरी, 29 टापो वाई-फाई स्विचस, 28 इथरनेट वायर, 504 सिम कार्ड, एक रेलवे टिकट, चाइना कार्टून बॉक्स बरामद किए गए। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनकी पहचान यूपी के कासगंज निवासी राहुल कुमार, गुजरात के अहमदाबाद निवासी यश अमृत सिंह डुगर, कच्छ के भाविका रमेश भगचंदानी, महाराष्ट्र के जलगांव निवासी लितेश और सागर के रूप में हुई। पुलिस ने राहुल कुमार को कासगंज, सागर व भाविका को गुरुग्राम, यश को अहमदाबाद से व लितेश को जलगांव से काबू किया गया।
फिलीपींस में बैठकर वीडियो कॉल के माध्यम से लगाया सेटअप:
पूछताछ में आरोपी राहुल ने खुलासा किया कि इसके एक अन्य साथी के माध्यम से इसका संपर्क फिलीपींस में बैठे व्यक्ति से हुआ था। उसी के माध्यम से इसके पास सिम बॉक्स, राउटर व अन्य सामान आया था। आरोपी ने यह भी बताया कि उसने वीडियो कॉल के माध्यम से फिलीपींस में बैठे व्यक्ति की सहायता से सिम बॉक्स को सेटअप किया और इन उपकरणों को यू-ब्लॉक, डीएलएफ फेज-3, गुरुग्राम सहित अन्य स्थानों तक पहुंचाया था, जिसके बदले उसे पैसे मिले थे। आरोपी सागर के नाम से रूम रेंट व इंटरनेट कनेक्शन था। आरोपी भाविका कंबोडिया में बैठे उनके अन्य साथी से संपर्क में रहती थी और आरोपी यश के माध्यम से यूएसडीटी को रुपए में जबकि रुपए को यूएसडीटी में कन्वर्ट करवाती थी।