सूरजकुंड मेले में कैदियों के हुनर की सशक्त प्रस्तुति, 110 से अधिक उत्पाद प्रदर्शित
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 01:43 PM (IST)
चंडीगढ़ : 39वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में हरियाणा कारागार विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर पूरी तरह साकार होती दिखाई दे रही है। जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कारपेंट्री, पेंटिंग, बेकरी, कढ़ाई, सिलाई, एलोवेरा से निर्मित उत्पाद, फर्नीचर निर्माण एवं अन्य हस्तशिल्प कार्यों का नियमित और व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सूरजकुंड मेले में हरियाणा की विभिन्न जेलों के बंदियों द्वारा तैयार किए गए लगभग 110 प्रकार के फर्नीचर एवं घरेलू उपयोग की वस्तुएं प्रदर्शनी और बिक्री के लिए उपलब्ध करवाई गई हैं। स्टॉल पर 30 से लेकर 45,000 रुपए तक की वस्तुएं रखी गई हैं जिन्हें उनकी उच्च गुणवत्ता, टिकाऊपन और उचित मूल्य के कारण लोगों से अत्यधिक सराहना मिल रही है। दर्शक यह देखकर विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं कि जेल में प्राप्त प्रशिक्षण के माध्यम से कभी भटके हुए हाथ आज रचनात्मकता और परिश्रम से ऐसे उत्पाद तैयार कर रहे हैं, जो खुले बाजार में भी प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं।
हरियाणा कारागार विभाग की ओर से इन उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री की जिम्मेदारी जिला कारागार फरीदाबाद को सौंपी गई है। प्रदेश की लगभग 18 जेलों से बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद इस अंतर्राष्ट्रीय मेले में प्रदर्शित किए गए हैं, जो राज्य की सुधारात्मक कारागार नीति की व्यापकता और प्रभावशीलता को दशति हैं।
महानिदेशक कारागार आलोक मित्तल ने कहा कि यह पहल केवल उत्पाद बिक्री तक सीमित नहीं है बल्कि यह संदेश देती है कि यदि अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो हर व्यक्ति परिवर्तन की राह पर आगे बढ़ सकता है। हरियाणा कारागार विभाग बंद कैदियों को रोजगारोन्मुखी कौशल, आत्मसम्मान और सामाजिक स्वीकार्यता प्रदान कर उन्हें सजा के बाद समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सराहनीय भूमिका निभा रहा है। इस प्रकार, सूरजकुंड क्राफ्टमेले में हरियाणा कारागार विभाग का यह प्रयास न केवल मेले की शोभा बढ़ा रहा है, बल्कि समाज के सामने मानवीय सुधार, पुनर्वास और विश्वास की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत कर रहा है।
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