हरियाणा : पराली जलाने के मामलों में आई कमी, बायोमास प्लांट्स द्वारा की जा चुकी खरीद

10/22/2020 10:16:39 AM

चंडीगढ़(बंसल) :  मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा फसल अवशेष व पराली प्रबंधन को लेकर पिछले 6 वर्षों में उठाए जा रहे कदमों के फलस्वरूप प्रदेश में हर वर्ष पराली जलाने के मामलों में निरंतर कमी आ रही है। इस वर्ष लगभग 1.75 लाख टन धान की पराली की खरीद बायोमास प्लांट्स द्वारा की जा चुकी है तथा पूरे सीजन दौरान 8.58 लाख टन पराली खरीदना प्रस्तावित है। यह जानकारी बुधवार को मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में दी गई।

इस वर्ष शायद ही हरियाणा में पराली जलाने की कोई घटना देखने को मिले, क्योंकि सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए इस वर्ष कस्टम हाईरिंग सैंटर के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सबसिडी दर पर मशीनरी उपलब्ध करवाने हेतु 152 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया है। इसके अलावा किसानों को ऐसी मशीनों के लिए व्यक्तिगत स्तर पर 50 प्रतिशत की दर से सबसिडी उपलब्ध करवाई जाती है। इनके लिए इस वर्ष 216.21 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। 

बैठक में जानकारी दी गई कि गत वर्ष पराली प्रबंधन के लिए स्ट्रॉ बेलर, हे-रैक, सुपर कटर, कटर बाइंडर व अन्य प्रकार की 24,705 मशीनें उपलब्ध करवाई गई थीं और इस वर्ष 13 हजार मशीनों के बिल अपलोड कर दिए गए हैं। इसके अलावा 1031 और कस्टम हाईरिंग सैंटर्स की संख्या और खुलने के साथ ही 3831 हो जाएगी। हरेडा के माध्यम से भी बॉयोमास ऊर्जा के लिए पराली का उपयोग हो इसके लिए 111.51 मैगावाट क्षमता के 25 बॉयोमास ऊर्जा प्लांट लगाना प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 1.80 लाख टन धान की पराली का उपयोग किया जाएगा।

हरसेक पराली जलाने से संबंधित फोटो दिन में 2 बार लेता है 
बैठक में जानकारी दी गई कि पराली जलाने से संबंधित फोटो हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (हरसेक) से दिन में दो बार लिए जाते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा हाल ही में देश के 112 शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए.क्यू.आई.) जारी किया गया, जिसमें दिल्ली का ए.क्यू.आई. 223, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद का ए.क्यू.आई. भी 200 से 250 के बीच रहा, जबकि गुरुग्राम का ए.क्यू.आई. 200 से नीचे तक दर्ज हुआ। राज्य में 24 स्थानों पर एयर क्वालिटी इंडैक्स स्टेशन स्थापित किए गए हैं। अम्बाला, हिसार, फतेहाबाद और करनाल जिलों में विशेष मॉनीटरिंग की जा रही है। आमतौर पर फतेहाबाद व सिरसा जिलों में धान की कटाई जी.टी. रोड के अन्य धान बाहुल्य जिलों के बजाय बाद में होती है।

तेल कंपनियों से कम्प्रेस्ड बॉयोगैस प्लांट हेतु अब तक 66 सहमति पत्र जारी किए गए 
भारतीय तेल निगम, पानीपत के साथ भी इथेनॉल गैस प्लांट लगाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही अन्य तेल कंपनियों से कम्प्रेस्ड बॉयोगैस प्लांट के लिए अब तक  66 सहमति पत्र जारी किए गए हैं, जिसमें कुल 353.56 टन प्रतिदिन क्षमता की गैस उत्पन्न होगी।  


Manisha rana

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