Rohtak : डाक्टरों ने 3 साल के मासूम को दिया नया जीवनदान, बिना चीरा लगाए फेफड़े से निकाला लोहे का पेंच
punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 08:23 PM (IST)
रोहतक : हरियाणा के रोहतक से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 3 साल का मासूम बिस्तर से गिरने के बाद जांघ के दर्द से जूझ रहा है। लेकिन इसी दौरान उसके फेफड़े के अंदर सांस की नली में चुपचाप एक लोहे का पेंच बैठा हुआ है। डॉक्टरों ने पैर के साथ बच्चे की छाती का भी एक्सरे किया तो बच्चे की सांस की नली में एक पेंच फंसा मिला। इसके बाद उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।
रोहतक के PGIMS में डॉक्टरों की एक टीम ने तीन साल के बच्चे की जान बचाई। उन्होंने 'रिजिड ब्रोंकोस्कोपी' प्रक्रिया का इस्तेमाल करके, बिना कोई चीरा लगाए, बच्चे के फेफड़े में गहराई तक फंसे धातु के एक स्क्रू को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।

इस मामले की जानकारी देते हुए PGIMS के ENT विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. रमन वढेरा ने बताया कि 13 जुलाई को बच्चा बिस्तर से गिर गया था और उसकी बाईं जांघ की हड्डी टूट गई थी। शुरू में उसका इलाज नारनौल के एक अस्पताल में हुआ, जहां प्लास्टर लगाया गया, और बाद में एक प्राइवेट अस्पताल में एक हफ़्ते से ज़्यादा समय तक उसका इलाज चला। 22 जुलाई तक परिवार को लगा कि उसकी हालत ठीक है।
23 जुलाई को जांघ की सर्जरी से पहले की रूटीन जांच के दौरान छाती का एक्स-रे किया तो बच्चे के दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से में धातु का एक स्क्रू फंसा हुआ पाया। डॉ. वढेरा ने कहा कि हमारी टीम ने 'रिजिड ब्रोंकोस्कोपी' से बिना किसी बाहरी चीरे के पेंच का पता लगाकर उसे सुरक्षित रूप से निकाला। डॉक्टरों का कहना है कि पेंच सांस की नली से होते हुए फेफड़ों में फंस गया था और कभी भी सांस की नली को ब्लॉक कर सकता था।
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