प्रदेश में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग स्टेडियम और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी- नायब सैनी
punjabkesari.in Monday, Feb 09, 2026 - 07:32 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाड़ी का साहस ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। जब हौसले बुलंद हों तो कोई भी कमी सफलता की राह नहीं रोक सकती। हमारी सरकार का संकल्प है कि हर प्रतिभा को मंच और हर सपने को उड़ान मिले। दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर देने के लिए प्रदेश में उनके लिए विशेष खेल सुविधाएं और अलग स्टेडियम विकसित किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री ने सोमवार को ताऊ देवीलाल स्टेडियम, गुरुग्राम के क्रिकेट ग्राउंड में नागेश ट्रॉफी दृष्टिबाधित राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता (पुरुष) के उद्घाटन अवसर पर कही।
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उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए आयोजन के लिए 21 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, खेल मंत्री गौरव गौतम तथा पटौदी से विधायक विमला चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने पहले टी 20 दृष्टिबाधित महिला विश्व कप की विजेता भारतीय महिला महिला क्रिकेट टीम का अभिनंदन किया और टीम की खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि टीम ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर देश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र, विशेषकर दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संकल्प, साहस और समान अवसरों का उत्सव है। दृष्टिबाधित खिलाड़ी अपनी मेहनत और आत्मबल से यह सिद्ध कर रहे हैं कि सफलता के लिए दृष्टि नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 1990 से दृष्टिबाधित क्रिकेट खेला जा रहा है तथा यह टूर्नामेंट सीएबीआई के संस्थापक अध्यक्ष एस.पी. नागेश की स्मृति में आयोजित किया जाता है। नागेश ट्रॉफी के 8वें संस्करण में 29 राज्यों की टीमें भाग ले रही हैं और कुल 73 मुकाबले खेले जाएंगे। प्रतियोगिता से चयनित 17 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी वर्ष 2026-27 की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को साकार कर रही है। दिव्यांगजनों और खिलाड़ियों के सशक्तिकरण के लिए खेल ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। प्रशिक्षण सुविधाएं, आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं ताकि हर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में खेल सुविधाओं के विकास पर 989 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं तथा खेल विभाग का बजट 275 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 602 करोड़ रुपये से अधिक किया गया है। ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ के तहत 550 नए पद सृजित कर 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। पंचकूला में खिलाड़ियों के उपचार और पुनर्वास के लिए आधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से समाज को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को हर संभव संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी दौरान अंडर-19 खिलाड़ी तेजस्विनी यादव ने बीसीसीआई से प्राप्त इस वर्ष की धनराशि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम को भेंट कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। इसके बाद कर्नाटक और हरियाणा की टीमों के बीच एक प्रदर्शनी मैच खेला गया, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और दर्शकों ने उत्साहपूर्वक उनका हौसला बढ़ाया।
कार्यक्रम में संसदीय बोर्ड सदस्य सुधा यादव, एचपीएससी सदस्य ममता यादव, डीसी अजय कुमार, सीपी विकास अरोड़ा, क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया के अध्यक्ष डॉ. महांतेश, महासचिव शैलेंद्र यादव, भाजपा महिला प्रदेश अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष कमल यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।