AI समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन पर खेल मंत्री गौरव गौतम का तीखा हमला, कहा- कांग्रेस में जैसा गुरु, वैसे चेले
punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 06:03 PM (IST)
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने प्रदेश में आयोजित एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रवैया लगातार नकारात्मक और गैर-जिम्मेदाराना होता जा रहा है, खेल मंत्री ने कहा कि एआई समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन देश और प्रदेश की प्रगति, तकनीकी उन्नति और निवेश संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर होते हैं।
इस कार्यक्रम में विदेशी मेहमानों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की उपस्थिति रही। ऐसे महत्वपूर्ण मंच पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कपड़े उतारकर या अमर्यादित तरीके से प्रदर्शन करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की हरकतों से न केवल कार्यक्रम की गरिमा प्रभावित होती है, बल्कि प्रदेश और देश की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कार्यक्रम में मौजूद कई अतिथियों और प्रतिनिधियों ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई और इसे अस्वीकार्य बताया।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध दर्ज कराने के लिए मर्यादित और संवैधानिक तरीके अपनाने चाहिए। सार्वजनिक मंचों पर इस प्रकार का आचरण हरियाणा की संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं का व्यवहार उनके शीर्ष नेतृत्व की सोच को दर्शाता है।
चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि जैसे हमारे देहात में कहा जाता है— जैसा गुरु, वैसे चेले। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व की भ्रामक और दिशाहीन राजनीति का असर उनके कार्यकर्ताओं पर साफ दिखाई दे रहा है।
खेल मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश को तकनीक, खेल, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। एआई समिट जैसे आयोजन युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलते हैं और राज्य में निवेश को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सकारात्मक वातावरण तैयार करना है, ताकि प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू सके। रेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने सभी राजनीतिक दलों और संगठनों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करें और प्रदेश की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदार व्यवहार अपनाएं। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन प्रदेशहित सर्वोपरि होना चाहिए।