16 घंटे पढ़ाई, बड़ा सपना...अब ISRO में चयन, जींद की 24 वर्षीय मनीषा की मेहनत ने बदली किस्मत

punjabkesari.in Monday, May 25, 2026 - 05:34 PM (IST)

जींद (अमनदीप पिलानिया) : हरियाणा की मिट्टी से निकली एक साधारण परिवार की बेटी ने अपनी मेहनत और लगन से देश की सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था इसरो में जगह बना ली है। जींद जिले की 24 वर्षीय मनीषा को इसरो में रिसर्च ऑफिसर के पद पर चयनित किया गया है। मनीषा ने NET JRF परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 14 हासिल की थी, जिसके बाद इसरो ने उन्हें ऑफर लेटर जारी किया है।

मनीषा एक संयुक्त परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके परिवार में कुल 7 सदस्य हैं, जिसमें 2 भाई और 1 बहन शामिल हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के स्कूल से ही की। 10वीं और 12वीं की परीक्षा भी गांव के स्कूल से पास की। इसके बाद उन्होंने एमडीयू रोहतक से बीएससी की डिग्री हासिल की।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि मनीषा घर पर ही 16 घंटे रोजाना पढ़ाई करती थीं। पढ़ाई के साथ-साथ वे घरेलू कामों में भी हाथ बंटाती थीं। उनका सपना प्रोफेसर बनने का है और पूरा परिवार उन्हें प्रोफेसर बनते देखना चाहता था। लेकिन इसरो का ऑफर मिलने के बाद पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

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मनीषा ने कहा “मेरा हमेशा से सपना था कि मैं देश की सेवा कर सकूं। NET JRF में अच्छा रैंक आने के बाद इसरो का मेल आया तो लगा जैसे सपना सच हो गया हो। मैंने गांव के स्कूल से शुरुआत की और मेहनत के बल पर यहां तक पहुंची। परिवार का साथ और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन हार नहीं मानी। अब इसरो में जाकर देश के स्पेस प्रोग्राम में अपना योगदान दूंगी।”

सोशल मीडिया पर भी मनीषा को भरपूर समर्थन मिला। उनके इस उपलब्धि पर जींदवासियों, शिक्षकों और रिश्तेदारों ने बधाई संदेशों का सिलसिला शुरू कर दिया है।मनीषा की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे हरियाणा के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

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Content Editor

Krishan Rana

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