भारतीय रेलवे की जींद से शुरू होने वाली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी और शक्तिशाली ट्रेनों में शामिल होगी : प्रवीण अत्रे
punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 09:27 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे ने कहा कि 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर देश के रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होगा, क्योंकि भारत हरित एवं स्वच्छ परिवहन तकनीक की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है।
प्रवीण अत्रे ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा लगातार नवाचार, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विकास कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जींद से शुरू होने वाली यह परियोजना प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे की यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इसमें आठ यात्री कोच और दो ड्राइविंग पावर कोच होंगे तथा इसकी क्षमता लगभग 682 यात्रियों को एक साथ यात्रा कराने की है। 2400 किलोवाट क्षमता वाली यह ट्रेन अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति से संचालित होगी।
प्रवीण अत्रे ने बताया कि यह ट्रेन जींद-सोनीपत के 89 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर संचालित होगी और प्रतिदिन दो फेरे लगाते हुए लगभग 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसके संचालन में प्रतिदिन लगभग 300 किलोग्राम हाइड्रोजन का उपयोग होगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इससे न केवल रेलवे में नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
प्रवीण अत्रे ने कहा कि 17 जुलाई का दिन हरियाणा और भारतीय रेलवे, दोनों के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। यह परियोजना विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ हरियाणा को देश में हरित परिवहन क्रांति का अग्रदूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।