नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म मामले में तीन दोषियों को 20 साल की कैद, चौथे को 5 साल की सजा

punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 07:41 PM (IST)

रेवाड़ी(महेंद्र भारती):  नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने तीन दोषियों को 20-20 साल की सजा और 77 हजार रुपये जुर्माना, जबकि एक अन्य आरोपी को 5 साल की कैद और 6 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने जिले के सभी थाना प्रबंधकों, चौकी प्रभारियों व अनुसंधान अधिकारियों को महिला अपराध व पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में बिना देरी के केस दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हुए हैं।

इन्हीं निर्देशों की पालना के तहत थाना खोल पुलिस द्वारा की गई सशक्त पैरवी के चलते यह फैसला संभव हो सका। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट रेवाड़ी लोकेश गुप्ता ने आरोपी मुकेश, उसके पिता हरी सिंह तथा मां राजवती को नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 20-20 वर्ष की कैद और 77 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को 20 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं, चौथे आरोपी राहुल उर्फ मोहम्मद रिजवान को 5 वर्ष की कैद और 6 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है।


जुर्माना नहीं भरने पर उसे 5 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जानकारी के अनुसार, जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 10 अक्टूबर 2020 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई है। उसने नूंह जिले के गांव पपड़वास निवासी जेसीबी चालक राहुल उर्फ मोहम्मद रिजवान पर अपहरण का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर थाना खोल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। डीएसपी हेडक्वार्टर की अगुवाई में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर आरोपी राहुल को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस रिमांड के दौरान भी लड़की का पता नहीं चल सका। बाद में नाबालिग ने फोन पर परिजनों से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने बावल क्षेत्र के गांव प्राणपुरा-पावटी के पास खेतों से उसे बरामद किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि यूपी के जिला अलीगढ़ के गांव अतरौली निवासी हरी सिंह, उसकी पत्नी राजवती और बेटे मुकेश ने उसे बंधक बनाकर रखा हुआ था। इस दौरान मुकेश ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। इस फैसले को महिला सुरक्षा और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे समाज में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
 


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Content Writer

Isha

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