कुरुक्षेत्र में दुखद हादसा: 200 साल पुराने मंदिर का गुंबद भरभराकर गिरा, मलबे में दबकर सेवादार की मौत
punjabkesari.in Sunday, Jun 21, 2026 - 02:45 PM (IST)
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): जिले के बाबैन क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक उप-ज्योर्तिलिंग नागेश्वर महादेव मंदिर में रविवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर का लगभग 108 फीट ऊंचा गुंबद अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में मंदिर के सेवादार 70 वर्षीय नटराजन गिरी की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि मंदिर के गर्भगृह को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
जानकारी के अनुसार नटराजन गिरी पिछले करीब पांच वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे थे और मंदिर परिसर में ही रहते थे। रविवार सुबह करीब चार बजे वह मंदिर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान मंदिर का विशाल गुंबद अचानक ढह गया और वह मलबे के नीचे दब गए। गुंबद गिरने की तेज आवाज सुनकर मंदिर के पुजारी, अन्य सेवादार और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों और मंदिर प्रबंधन ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद मलबे में दबे नटराजन गिरी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई।
हादसे में मंदिर के गर्भगृह को भी नुकसान पहुंचा है। गुंबद का मलबा गर्भगृह के अंदर गिरने से शिवलिंग और अन्य प्रतिमाएं भी मलबे के नीचे दब गई हैं। मंदिर परिसर में अभी भी मलबा फैला हुआ है और उसके हटने के बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सकेगा।
घटना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। बाबैन थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है। हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के समय न तो तेज हवा चल रही थी और न ही कोई आंधी-तूफान आया था। ऐसे में मंदिर के विशाल गुंबद का अचानक गिर जाना लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है। श्रद्धालु इसे बेहद दुखद और चिंताजनक घटना बता रहे हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रतिनिधि कैलाश सैनी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मंदिर परिसर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
ग्रामीणों के अनुसार नागेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है। लगभग 20 वर्ष पूर्व मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था। बताया जा रहा है कि मंदिर का विशाल गुंबद चार इंच मोटी दीवारों पर खड़ा था। अब हादसे के बाद मंदिर की संरचनात्मक मजबूती और गुंबद गिरने के कारणों की जांच की जा रही है।
इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने मृतक सेवादार नटराजन गिरी के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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