सोनीपत में दर्दनाक हादसा...एक झटके में बुझ गए घर के 2 चिराग, पानी भरे गड्ढे में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत
punjabkesari.in Friday, Oct 16, 2026 - 08:22 AM (IST)
गन्नौर (कपिल) : गांव शाहपुर तगा स्थित बाबा मोहनदास 108 गोशाला में देर रात उस समय मातम छा गया, जब गोशाला में पानी से भरे गड्ढे में दो सगे भाइयों के शव मिले। मृतक 7 वर्षीय सागर व 6 वर्षीय कार्तिक अपने पिता के साथ गौशाला में बने कमरे में रहते थे। दोनो भाई गोशाला में खेल रहे थे। इस दौरान खेलते हुए दोनो भाई पिलर के लिए खोदे गए 4 फुट गहरे गड्ढे में गिर गए। बारिश के कारण गड्डो में पानी भरा था। जिस वजह से डूबने के कारण दोनो भाइयों की मौत हो गई।
गोशाला सरपंच इंद्रेश त्यागी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव बिनौली निवासी संदीप अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ एक दिन पहले ही गोशाला में आए थे। संदीप पहले भी गौशाला में रहकर काम कर चुका है। संदीप गोशाला में पशुओं को चारा डालने का काम करते हैं। गोशाला में शेड बनाने का काम चल रहा है। जिस वजह से पिलर लगाने के लिये 4 फुट गड्ढे खोदे गए थे। वीरवार को तेज बारिश की बजह से उन गद्दों में पानी भर गया ओर वीरवार देर शाम दोनों बच्चे खेलते समय पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। उनकी मां को उनके कपड़े गोशाला परिसर में ही पड़े मिले। उन्हें लगा कि दोनों बच्चे दूसरे कपड़े पहनकर गांव में ही एक शादी समारोह में चले गए होंगे। जब वह अंधेरा होने तक घर नहीं पहुंचे तो उनकी तलाश की गई। उनका कोई सुराग नहीं लग सका। जिस पर पुलिस को भी सूचना दी गई। गोशाला कर्मी भी उन्हें तलाश करने लगे। तलाशी के दौरान दोनों के शव गोशाला परिसर में शेड निर्माण के लिए पिलर लगाने को खोदे गए गड्ढे में मिले। रात को दोनों के शव गड्ढे में मिले। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। हादसे की सूचना मिलने पर थाना बड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
एसीपी नरेश ने बताया कि गांव शाहपुर तगा में हुए हादसे में दो भाइयों की मौत हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटना की परिस्थितियों का पता लगा रही है।
परिवार ने मना किया था बच्चों को लेकर ना जाए
हादसे का पता लगने पर गांव से पहुंचे परिवार के सदस्य ने कहा कि संदीप को मना किया था कि वह बच्चों को साथ लेकर न जाए। उसके बावजूद वह उन्हें लेकर आ गया और अब वह हादसे का शिकार हो गए। बच्चों के परिजनों ने उनका पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कही हैं, हालांकि पुलिस उन्हें समझाने में लगी है।