सरकारी भर्ती एवं पदोन्नति के नियमों के संशोधन का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण: बिश्नोई

6/16/2020 4:50:44 PM

चंडीगढ़ (धरणी): कांग्रेस केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य और विधायक कुलदीप बिश्नोई ने हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में भर्ती एवं पदोन्नति के नियमों में संशोधन के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस फैसले से लगभग 20 लाख युवाओं के लिपिक, स्टैनोग्राफर और स्टनोटाईपिस्ट बनने के सपनों को ग्रहण लग जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त रिस्टोरर के पद पर तैनात दसवीं पास कर्मचारी भी स्टैनो और लिपिक के पद पर पदोन्नति पाने से वंचित रह जाएंगे। इस गलत निर्णय से न केवल सेवारत कर्मचारियों की उम्मीद पर ताला लग जाएगा अपितु उन लाखों नवयुवकों के उज्जवल भविष्य को कुचलने  का प्रयास किया है, जो रोजगार हासिल करने की उम्मीद में पलकें बिछाए बैठे हुए हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या यह कदम उन अभिभावकों  के साथ अन्याय नहीं होगा, जो अपनी विवशता, मजबूरी और गरीबी के कारण अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में असमर्थ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस युवा विरोधी फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों से शिक्षा ग्रहण करने वाले अधिकतर बच्चे प्रभावित होंगे। इन गरीब अभिभावकों के बच्चों को इसकी सजा क्यों दी जा रही है, इसका कोई औचित्य नहीं है।

कुलदीप ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मांग की है कि इस युवा विरोधी फैसले को तुरंत वापिस ले कर उन युवाओं के सपनों को पंख लगा कर उडऩे का अवसर प्रदान करे, जो प्रतिभा होते हुए भी प्रतिकूल प्रतिस्थितियों के कारण उच्च शिक्षा ग्रहण करने के मंसूबों पर पानी फिर गया। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ उन सभी विपक्षी पार्टियों और  सत्ताधारी भाजपा पार्टी के नेताओं से भी अनुरोध किया है कि वे युवाओं के भविष्य को धूमिल होने से बचाने के लिए एकजुट होकर इस फैसले का विरोध करें।

उन्होंने कहा कि योग्यता तो बाद में भी नौकरी लगने के पश्चात भी बढ़ाई जा सकती है। ऐसे अनेकों उदाहरण हमारे सामने हैं। उन्होंने कई आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को देखा है, जिन्होंने अपनी योग्यता में इजाफा किया है। यह उसकी दृढ इच्छा शक्ति पर निर्भर करता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Shivam

Related News

Recommended News

static