सब्जी बेचने वाले की बेटी बनी डॉक्टर, दादा की मौत ने दिया ऐसा जज्बा कि NEET में हासिल की 6227वीं रैंक

punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 10:35 AM (IST)

जींद(अमनदीप पिलानिया): जींद की एक साधारण परिवार की बेटी ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ा मुकाम हासिल किया है। सब्जी बेचने वाले की बेटी आरजू ने NEET परीक्षा में 6227वीं रैंक हासिल कर डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर लिया। आर्थिक तंगी, सामाजिक चुनौतियों और कई त्यागों के बावजूद आरजू ने हार नहीं मानी। उसकी सफलता आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गई है।

PunjabKesari
आरजू बताती हैं कि जब वह छठी कक्षा में थीं, तब उनके दादा गले की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। परिवार ने कई अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन समय पर सही इलाज नहीं मिल सका और उनकी आंखों के सामने ही दादा ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने आरजू के मन पर गहरी छाप छोड़ी। तभी उन्होंने संकल्प लिया कि वह डॉक्टर बनेंगी ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आरजू ने रोजाना 6 से 8 घंटे तक पढ़ाई की। उन्होंने अपने दोस्तों की बर्थडे पार्टियों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों से भी दूरी बना ली। कई बार दोस्त नाराज भी हुए, लेकिन उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपने लक्ष्य पर था। कड़ी मेहनत का परिणाम यह रहा कि उन्होंने NEET में 6227वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को साकार कर दिखाया।

आरजू के पिता सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में तीन बच्चे हैं और आरजू सबसे बड़ी बेटी हैं। पिता बताते हैं कि आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। सब्जी बेचकर जो भी कमाई होती थी, उसका बड़ा हिस्सा बेटी की पढ़ाई पर खर्च किया। बचपन से ही आरजू पढ़ाई में तेज थीं और अच्छे अंक लाती थीं। आज बेटी की सफलता पर पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है।

 
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Isha

Related News

static