मंदिर तोड़ने के विरोध में संतों और ग्रामीणों ने किया DC कार्यालय का घेराव, ज्ञापन सौंपा

punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 07:40 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): गांव तिघरा में मंदिर तोड़ने को लेकर चला आ रहा विवाद अब तूल पकड़ने लगा है। आज संत समाज और स्थानीय निवासियों ने डीसी कार्यालय का घेराव कर लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने संत समाज व जिला बार एसोसिएशन की मौजूदगी में एक ज्ञापन सौंपा। एडीसी साेनू भट को सौंपे गए के माध्यम से प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी गई है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को न माना तो वह बड़ा आंदोलन कर शहर जाम कर देंगे। 

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रविवार को गांव तिघरा में हुई पंचायत में लिए गए फैसले के बारे में भी एडीसी को अवगत कराते हुए दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है कि वह सरकार से बात कर पंचायत को सकारात्मक जवाब दें और मंदिर तोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिन निर्दोष महंत और उनके चेलों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है उसे रद्द किया जाए। संतों ने एडीसी को साफ कहा कि मंदिर निर्माण में जनता से करोड़ों रुपए का चंदा लिया गया है। प्रशासन ने मनमानी कर अवैध रूप से मंदिर को तोड़ दिया। यहां नाथ संप्रदाय के करीब 40 संतों की समाधि थी जिसे तोड़कर क्षत विक्षत कर दिया गया है। प्रशासन मलबा एकत्र कर रहा है। वह मलबा सरकार वापस करे और मंदिर को उसकी मूल अवस्था में वापस किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में संत समाज काफी आहत हुआ है और कई जिलों व राज्यों से उनके पास संत समाज संपर्क कर गुड़गांव कूंच करने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अभी रोका हुआ है। अगर प्रशासन ने समय रहते सकारात्मक रूख नहीं दिखाया तो वह संत समाज के साथ सड़कों पर उतर आएंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने मांग की है कि जिन अधिकारियों ने मंदिर को तोड़ा है उन्हें बर्खास्त भी किया जाए। वहीं, एडीसी सोनू भट ने आश्वस्त किया कि वह उनके ज्ञापन को डीसी और सीएम हरियाणा तक पहुंचाएंगे और प्रयास करेंगे कि उनकी और मुख्यमंत्री की भी आमने सामने बैठक हो और सकारात्मक परिणाम निकले।

 

आपको बता दें कि तीन दिन पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण सहित नगर निगम के अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के बीच करीब 100 साल से भी पुराना बाबा बालक नाथ मंदिर को तोड़ दिया। आरोप है कि यहां 40 से ज्यादा प्रतिमा भी प्रशासन ने रातों रात गायब कर दी। मंदिर के महंत और उनके चेलों को भी पुलिस उठा ले गई और दो के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। यहां बंधी करीब 35 गाय सहित मंदिर के दान की राशि, सोना- चांदी व अन्य सामान भी पुलिस ने उठा लिया है। किसी को भी मंदिर के मूल स्थान पर नहीं जाने दिया जा रहा है। पुलिस ने बेरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। ऐसे में लोगों में व संत समाज में रोष है। 


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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