बाबा बालक नाथ मंदिर तोड़ने पर प्रशासन और ग्रामीणों में तनातनी, लोगों ने लगाए बिल्डर से मिलीभगत कर कार्रवाई करने के आरोप

punjabkesari.in Friday, Sep 11, 2026 - 08:05 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): सेक्टर-50 एरिया में बाबा बालक नाथ मंदिर और समाधि को तोड़ने को लेकर आज मामला तूल पकड़ गया। यहां ग्रामीणों और पुलिस व प्रशासन के बीच तनातनी का माहौल हो गया। हालात यह हो गए कि पुलिस ने बेरिकेड लगाकर मंदिर के दोनों और भारी बल तैनात कर दिया और किसी भी व्यक्ति को मंदिर की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक कि जब मीडिया कवरेज के लिए गई तो एचएसवीपी के अधिकारियों और पुलिस द्वारा मीडिया कर्मियों से ही अभद्रता करनी शुरू कर दी गई। वहीं, मंदिर और बाबा बालक नाथ की समाधि तोड़ने की सूचना मिलने पर राजस्थान के तिजारा से विधायक महंत बालक नाथ मौके पर पहुंचे और प्रशासन से बहस के बाद मौके पर पहुंचे। 

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करीब दो घंटे तक मौके पर प्रशासनिक कार्रवाई देखकर वापस लौटे विधायक महंत बालक नाथ ने कहा कि प्रशासन बिल्डर के इशारे पर काम कर रहा है। करीब डेढ़ सौ साल पुराने इस डेरे को ध्वस्त कर यह जमीन बिल्डरों को दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है। यहां तक कि अधिकारियों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को भी गुमराह किया हुआ है। मुख्यमंत्री ने मंदिरों को न तोड़ने के निर्देश दिए हैं बावजूद इसके भी प्रशासनिक अधिकारी सरकार के लिए नहीं बल्कि बिल्डरों के लिए कार्य करते हुए मंदिरों को ध्वस्त कर जमीन बिल्डरों को हस्तांतरित कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा कुछ वर्ष पहले डेरे और मंदिर की जमीन पर एक होटल बनाने का प्रस्ताव महंत के समक्ष रखा था, लेकिन इस प्रस्ताव का महंत ने ठुकरा दिया और मंदिर को मंदिर ही रहने के लिए कहा था। आरोप है कि इसके बाद से ही उस व्यक्ति की शह पर पूरा कार्य हो रहा है।

 

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लोगों ने बताया कि यह जमीन झाड़सा गांव के लोगों ने पंचायत के माध्यम से बाबा बालक नाथ को उनका आश्रम बनाने के लिए दी थी। 100 साल से भी अधिक समय से यहां मंदिर और संत समाज द्वारा भगवान की पूजा अर्चना की जाती है, लेकिन प्रशासन इस जमीन को बिल्डरों को देना चाहता है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी जिस जमीन को अपना बताकर तोड़फोड़ कर रहे हैं वह जमीन खाली पड़ी है। इसके अलावा एनजीटी के आदेश पर यहां जोहड़ भी बनाया गया है जोकि आज भी जीवित है, लेकिन मंदिर की समाधियों को तोड़कर हटाया जा रहा है। स्थानीय निवासियों आनंद, मोनू सहित अन्य की मानें तो रातोंरात मंदिर के महंत को पुलिस ने गुंडों की तरह किडनैप कर लिया। उनके मोबाइल तक पुलिस ने ले लिए हैं। गाय को यहां से हटवा दिया गया। रातों-रात मंदिर की मूर्तियों को हटा दिया गया। जब वह मंदिर के महंत के बारे में पूछते हैं तो पुलिसकर्मी कुछ नहीं बताते।

 

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रात को जब सेक्टर-50 थाने में सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हुए तो पुलिस ने बताया कि महंत के चेलों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है उनके खिलाफ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों ने केस दर्ज कराया है जबकि महंत के बारे में कुछ नहीं बता रहे हैं। आज सुबह से ही प्रशासन अपने दल बल के साथ मौके पर तोड़फोड़ कार्रवाई करने पहुंचा तो ग्रामीणों को भी बेरिकेड लगाकर रोक लिया गया। कई बार तनातनी का माहौल हुआ जिसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी 11 सदस्यों की कमेटी लेकर तोड़फोड़ करने के स्थान पर गए। वहां से लौटकर तिजारा विधायक महंत बालक नाथ ने बताया कि प्रशासन मनमानी कर रहा है और बिल्डरों के लिए कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री को गुमराह करके यह कार्रवाई कर रहा है।

 

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वहीं, मंदिर तोड़े जाने की सूचना मिलते ही नाथ संप्रदाय से कुछ साधू संत मौके पर आए और मंदिर की तरफ जाने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी मौके पर ही रोक लिया और बेरिकेड के पास ग्रामीणों के साथ ही रोक लिया। वहीं, ग्रामीणों ने ऐलान किया कि वह रविवार को गांव झाड़सा में एक बार फिर महापंचायत करेंगे और प्रशासन के खिलाफ अगली रणनीति तैयार कर आंदोलन करेंगे।


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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