वोटरों को मिला बड़ा मौका: चुनाव आयोग ने बढ़ाई समयसीमा, लंबित आवेदनों और नोटिसों के निपटारे के लिए मिली मोहलत
punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 08:24 PM (IST)
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा में मतदाता सूचियों को अपडेट करने की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग ने अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। अब प्रदेश में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा। इसके साथ ही दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया भी इसी तिथि तक पूरी होगी। पहले इसके लिए 28 अक्टूबर और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के लिए 6 नवंबर की तारीख तय की गई थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा ए. श्रीनिवास के अनुरोध पर भारत निर्वाचन आयोग ने संशोधित कार्यक्रम को मंजूरी दी है। समयसीमा बढ़ने से उन मतदाताओं को भी अपने दस्तावेज और आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जिनके रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई हैं या जिनका पिछली गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रदेश में अब तक 4,49,813 फार्म-6, 1,57,673 फार्म-7 और 3,78,094 फार्म-8 प्राप्त हुए हैं। वहीं, दस्तावेजों की जांच और पुराने रिकॉर्ड से मिलान के दौरान सामने आई विसंगतियों के चलते 44,92,696 मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे।
28 अक्टूबर तक बड़ी संख्या में आवेदन और नोटिस से जुड़े मामले लंबित थे। इनमें 23,176 फार्म-6, 5,175 फार्म-7 और 6,058 फार्म-8 पर निर्णय होना बाकी था। इसके अतिरिक्त सुनवाई के लिए जारी 12,043 नोटिस तथा 10,44,080 फोटो अपडेट से संबंधित मामले भी लंबित थे। वहीं, 33,100 नोटिस और 7,59,024 फोटो अपडेट एवं निर्णय से जुड़े मामले निपटाए जाने शेष थे। इन लंबित मामलों को देखते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता महसूस की गई।
बीएलए नियुक्त करने में भाजपा सबसे आगे
मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी भी सामने आई है। प्रदेश के 20,864 मतदान केंद्रों पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) नियुक्त किए हैं। इनमें भाजपा 19,554 बीएलए की नियुक्ति के साथ पहले स्थान पर है, जबकि कांग्रेस ने 17,127 बीएलए नियुक्त किए हैं।
इनेलो ने 2,186 और जननायक जनता पार्टी ने 1,093 बीएलए नियुक्त किए हैं। इसके अलावा माकपा ने 314, बसपा ने 146 और आम आदमी पार्टी ने 54 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए हैं।
निर्वाचन आयोग ने संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी राजनीतिक दलों को नए कार्यक्रम की लिखित जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा गया है, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। अब 30 नवंबर तक दावे और आपत्तियों का निपटारा कर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।