मेडिकल कॉलेज में लाइन का झंझट होगा खत्म, मरीजों को ऑनलाइन मिलेंगी अप्वाइंटमैंट

1/14/2020 12:31:18 PM

करनाल(मनोज): कल्पला चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अब लाइन का झंझट नहीं रहेगा। मरीजों को ऑनलाइन अप्वाइंटमैंट मिलेंगी। बस इसके लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज की वैबसाइट पर जाना होगा। आधार नम्बर यहां अपलोड करते ही उनका काम हो जाएगा। इसके बाद वह डाक्टर से मिल सकेंगे। मैडीकल कालेज के अधिकारियों का दावा है कि ऐसी व्यवस्था करने वाला करनाल प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। फिलहाल पर्ची कटवाने में ही मरीज के 2 से अढ़ाई घंटे लग जाते हैं। आगामी सप्ताह से नई तकनीक पर काम शुरू होने की उम्मीद है।  

इसलिए लिया फैसला 
 मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 2000 मरीज ओ.पी.डी. के लिए आते हैं। इन्हें पहले टोकन लेना पड़ता है। इसके बाद पर्ची कटवाने के लिए लंबी लाइन का सामना करना पड़ता है। मरीज के साथ परिजन है तो ठीक नहीं तो खुद दिक्कत उठानी पड़ती है। कई बार तो डाक्टर तक पहुंचने में ही आधा दिन बीत जाता है। इसके बाद डाक्टर की लिखी दवाई के लिए फिर से लाइन में लगना पड़ता है। सुबह आया मरीज शाम के 4 से 5 बजे तक फ्री होता है। ऑनलाइन सिस्टम से उन्हें पर्ची की लाइन से तो निजात मिल जाएगी।  

एप की सुविधा भी जल्द 
शुरूआत में मेडिकल कॉलेज की वैबसाइट से ही काम चलाया जाएगा। इससे मरीजों को अप्वाइंटमैंट तो मिल जाएंगी लेकिन पर्ची के पैसे खिड़की पर ही जमा कराने होंगे। फिलहाल इसके 5 रुपए लिए जाते हैं। इस झंझट को भी जल्द ही खत्म करने की योजना है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार जल्द ही इसके लिए अग से एप तैयार करवाया जाएगा। इसमें पर्ची की ऑनलाइन पेमैंट जमा हो सकेगी। एप में अन्य सुविधाएं भी देने पर विचार चल रहा है।  

 बाहर से नहीं खरीदनी पड़ेगी दवाई 
नवनियुक्त डायरैक्टर प्रो. डा. जगदीप चंद्र दुरेजा का दावा है कि मरीजों को अब बाहर से दवाई नहीं खरीदनी पड़ेगी। जिन दवाइयों की कमी है उन्हें जल्द मंगवाया जाएगा। जो डाक्टर जानबूझकर बाहर की दवाइयां लिखेंगे उनके खिलाफ भी एक्शन लेंगे। दरअसल, अक्सर मरीज इस बात को लेकर शिकायत करते रहते हैं कि यहां के डाक्टर जो दवाई लिखते हैं वह यहां के स्टोर पर नहीं मिलती। मजबूरी में कई दवाइयां उन्हें बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। कई बार मरीज  मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों पर स्टोर संचालकों से मिलीभगत तक के आरोप लगा चुके हैं। इस पर भी डायरैक्टर की नजर है।   


Edited By

vinod kumar

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