हरियाणा की बेटी अनुकृति ने देश का नाम किया रोशन, विश्वबैंक में बनीं अर्थशास्त्री

7/2/2020 12:54:21 PM

नारनौल: नारनौल में जन्मी तथा हिसार में पली-बढ़ी डॉ एस अनुकृति ने हरियाणा का ही नहीं, बल्कि  देश का भी नाम विश्व में रोशन किया है। विश्वबैंक वाशिंगटन में बतौर अर्थशास्त्री ज्वाइन करने के साथ ही अनुकृति विश्व की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने वाली इस सर्वोच्च बैंकिंग संस्था की दस सदस्यीय मानव संसाधन समिति की सदस्य भी बन गई हैं जो पूरे विश्व में मानव संसाधन विकास का जिम्मा संभालती है। इससे पूर्व सात वर्षों तक बीसी यूनिवर्सिटी, बोस्टन (अमेरिका) में अर्थशास्त्र की प्रोफ़ेसर रही अनुकृति के पति सिद्धार्थ रामलिंगम पहले से ही विश्व बैंक में सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं।

दिल्ली के सेंट स्टीफेन्स कॉलेज से बीए इकोनॉमिक्स (ऑनर्स) और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमए (अर्थशास्त्र) करने के उपरांत विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक कोलंबिया विश्वविद्यालय मैनहैट्टन (अमेरिका) से एमए (अर्थशास्त्र), एमफिल और पीएचडी की तीन उपाधियां एक साथ प्राप्त कीं।   अपनी शिक्षा के दौरान भारत सरकार का नेशनल अवार्ड, अमेरिका की जीई कैपिटल स्कॉलरशिप, विकरी और हैरिस अवार्ड तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय की करोड़ों की स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाली अनुकृति को वर्ल्ड इकोनोमेट्रिक सोसाइटी का प्रथम यंग रिसर्चर अवार्ड भी प्राप्त हो चुका है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, बोस्टन (अमेंरिका) में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर रह चुकी अनुकृति वर्तमान में कोलंबिया यूनिवर्सिटी, मैनहैट्टन (अमेरिका) की फैलो इंस्टीट्यूट लेबर इकोनॉमिक्स, बोन (जर्मनी) की रिसर्च एफिलिएट हैं।

भारत और अमेरिका के अतिरिक्त कनाडा, पेरू, पोर्टोरिको, बरमूडा, ब्रिटेन, स्पेन, जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन, चीन, हांगकांग, सिंगापुर, केन्या और इथोपिया सहित लगभग बीस देशों की यात्रा कर चुकी हैं। अनुकृति डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स की विशेषज्ञ हैं तथा 14 वर्ष पूर्व विश्वबैंक की सलाहकार रहते हुए, लैंगिक समानता, विश्व में महिलाओं की आर्थिक स्थिति, महिलाओं की अशिक्षा और पिछड़ापन, बाल-कुपोषण आदि अनेक विषयों पर कार्य कर चुकी हैंं।  


Isha

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