हरियाणा पुलिस की बड़ी उपलब्धिः 12 मोस्ट वांटेड अंतरराष्ट्रीय अपराधी विभिन्न देशों से डिपोर्ट होकर गिरफ्तार
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 09:50 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के गठन के बाद राज्य में संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क पर सबसे प्रभावी और निर्णायक प्रहार देखने को मिला है। एसटीएफ ने यूएई, थाईलैंड, फिलीपींस, आर्मेनिया, कजाकिस्तान, कंबोडिया और अमेरिका सहित विभिन्न देशों से 12 मोस्ट वांटेड अपराधियों को डिपोर्ट करवाकर गिरफ्तार किया, जबकि एक अपराधी को जिला पुलिस ने दबोचा। कुल मिलाकर 13 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी हरियाणा पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता मानी जा सकती है। वर्ष 2025 से अब तक यह एसटीएफ की छठीं बड़ी उपलब्धि है, जिसने यह सिद्ध किया कि विदेश में छिपे अपराधी भी हरियाणा पुलिस की पकड़ से बच नहीं सकते।
डीजीपी अजय सिंघल का सख्त संदेशः जीरो टॉलरेंस और त्वरित वैधानिक कार्रवाई
नव नियुक्त डीजीपी अजय सिंघल ने पदभार संभालते ही अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि संगठित अपराध, फिरौती, अवैध हथियारों और हिंसा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपराधी पुलिस पर हमला करता है या हथियार दिखाता है, तो पुलिस का संवैधानिक आत्मरक्षा अधिकार स्वतः सक्रिय हो जाता है और ऐसे मामलों में त्वरित व निर्णायक कार्रवाई करना अनिवार्य है। उन्होंने एसटीएफ के साहस, तकनीकी दक्षता और समन्वित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की कोई गुंजाइश नहीं है। इन कार्रवाइयों से जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई है तथा अपराधियों में कानून का भय और अधिक गहरा हुआ है।
डिपोर्ट अपराधियों पर 397 मामले दर्ज-तकनीकी निगरानी से हुआ संभव
डिपोर्ट हुए अपराधियों के खिलाफ दर्ज गंभीर मामलों से एसटीएफ की सफलता और अधिक स्पष्ट होती है। इन 12 अपराधियों पर कुल 397 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें से 109 मामलों का निपटारा हो चुका है। थाईलैंड से डिपोर्ट तीन अपराधियों पर क्रमशः 61, 79 और 7 मामले दर्ज थे। यूएई से लाए गए दो अपराधियों पर 90 और 27 मामले दर्ज थे, जबकि फिलीपींस से डिपोर्ट अपराधी पर 38, कंबोडिया से 30 और अमेरिका से पकड़े गए अपराधियों पर क्रमशः 7 और 24 मामले दर्ज थे। कई अपराधी हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों के मामलों में लंबे समय से वांछित थे। उनकी विदेशों में लोकेशन, मूवमेंट, पासपोर्ट और ट्रैवल रूट को ट्रैक करना एसटीएफ की उच्च तकनीकी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय की वजह से संभव हुआ।
वर्ष 2025 में 810 अपराधी गिरफ्तारः संगठित नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
वर्ष 2025 में एसटीएफ ने संगठित अपराध पर सबसे व्यापक अभियान चलाते हुए कुल 810 अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें 119 मोस्ट वांटेड, 470 गैंगस्टर और 221 जघन्य अपराधों में संलिप्त आरोपी शामिल थे। 470 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी ने प्रदेश में सक्रिय बड़े अपराध नेटवर्कों को लगभग पंगु कर दिया। इसी वर्ष 20 मुठभेड़ दर्ज हुईं, जिनमें 4 अत्यंत खतरनाक अपराधियों को निष्क्रिय किया गया और 26 अपराधी घायल होकर गिरफ्तार किए गए। अवैध हथियारों पर प्रहार करते हुए 90 आर्म्स एक्ट मामलों में आधुनिक पिस्तौल, रिवॉल्वर, कार्बाइन, डबल बैरल गन, सैकड़ों कारतूस, हैंड ग्रेनेड और आईईडी बरामद किए गए। साथ ही एनडीपीएस अधिनियम के तहत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर अफीम, गांजा और पोस्त-चूरा जैसे नशीले पदार्थों की बड़ी मात्रा जब्त की गई।