एनएसजी में अधिकारी से 13 करोड़ 81 लाख 26 हजार नगदी बरामद

punjabkesari.in Thursday, Jan 13, 2022 - 08:12 PM (IST)

गुडग़ांव, (गौरव तिवारी): एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) का नाम देश के दुश्मन भी सुनते हैं तो उनकी रूह कांप जाती है। देश में जब भी दुश्मन देशों की ओर से कोई भी आतंकी गतिविधि की जाती है तो उस मौके पर देश की रक्षा हेतु एनएसजी कमांडो को कमान दी जाती है। गुरुग्राम के मानेसर में भी एक विशाल कैंपस एनएसजी का है। यहां की पुलिस ने एनएसजी में रोड कन्सट्रेक्शन व सोलर बिजली लगवाने इत्यादि का बड़ा टैन्डर दिलवाने के नाम पर करीब सवा सौ करोड़ की ठगी करने के मामलो का खुलासा किया है। साथ ही मामले में मुख्य आरोपी एक डिप्टी कमाण्डेन्ट सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। इनके पास से पुलिस ने करीब 13 करोड़ 81 लाख 26 हजार रुपयों की नगदी और 6 लग्जरी गाडिय़ां जिसमें हरियर, रेन्जरोवर, जीप कम्पास, बी.एम.ड्बल्यू, सफारी व वोलवो भी बरामद किया है। 
क्या है पूरा मामला 
बीते 8 जनवरी को पुलिस उपायुक्त मानेसर, गुरुग्राम की ई-मेल पर एक लिखित शिकायत मोनेश इसरानी द्वारा भेजी गई। इस शिकायत में शिकायतकर्ता मोनेश इसरानी ने बतलाया कि प्रवीन यादव पुत्र कमल सिंह, दिनेश मोहन सोरखी, कमल सिंह द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसको एन.एस.जी. मानेसर में हाऊसिंग कन्सट्रक्शन का टेन्डर दिलाने के नाम पर 64.49 करोड़ रुपयों की ठगी की है। इसके अतिरिक्त देवीन्द्र यादव, डायरेक्टर वाईएफसी प्रोजेक्ट प्रा.लि. एंड डी.के.वाई. पोजेक्ट प्रा.लि., विशाली जैन डायरेक्टर रिषब फाम्र्स, एंड इंड्रस्ट्रीज प्रा.लि., एर्म प्रो. प्रा.लि. सैक्टर-15, किरणपाल यादव पुत्र फकीर चन्द यादव निवासी गुरावडा, जिला रेवाडी, संचालन, मंगला स्पन पाईप इण्डस्ट्रीज, श्रीश्याम इण्डस्टीज व टनय से लगभग 125 करोड़ रुपए की ठगी करने के सम्बन्ध में दी गई। इस मामले में अलग-अलग 4 शिकायतें मिली जिसपर थाना मानेसर, गुरुग्राम में कानून की सम्बन्धित धाराओं के तहत कुल 4 मुकदमें अंकित किए गए। इस मामले में के.के. राव पुलिस आयुक्त गुरुग्राम के निर्देशानुसार प्रीतपाल सांगवान, सहायक पुलिस आयुक्त अपराध, गुरुग्राम की देखरेख में एक एस.आई.टी. का गठन किया गया। गठित की गई गुरुग्राम पुलिस की आई.आई.टी. पुलिस टीम ने उपरोक्त मामलों में तत्परता से कार्यवाही करते हुए अपनी समझबुझ व पुलिस तकनीकी की सहायता से उपरोक्त अभियोगों के मुख्य मास्टरमाईन्ड आरोपी सहित कुल 4 आरोपियों को किरफ्तार किया गया। 
गिरफ्तार हुए आरोपित
प्रवीण यादव पुत्र कमल यादव निवासी खुरमपुर खेडा, जिला गुरुग्राम, हाल निवासी वाटिका सिटी, गुरुग्राम। ममता यादव पत्नी प्रवीण यादव निवासी खुरमपुर खेडा, जिला गुरुग्राम, हाल निवासी वाटिका सिटी, गुरुग्राम।  रितुराज यादव (बहन) प्रवीण यादव एवं पत्नी नवीन खातोदिया निवासी एनएसजी कैंपस मानेसर गुरुग्राम कार्यरत कार्यरत एक्सिस बैंक सैक्टर 83 शाखा प्रबंधक। दिनेश निवासी गांव सोरखी, जिला हिसार। उपरोक्त आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया व इनके कब्जा से कुल 13 करोड़ 1 लाख 26 हजार रुपए तथा 06 लग्जरी गाङियां जिसमें हरियर, रेन्जरोवर, जीप कम्पास, बी.एम.ड्बल्यू, सफारी व वोलवो आरोपियों के कब्जा से बरामद की गई है। 
शेयर मार्केट लाखों के नुकसान की भरपाई के लिए बनाई ठगी की योजना 
आरोपियों से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि इस मामले का मास्टरमाईण्ड प्रवीण यादव बी.एस.एफ. में बतौर डिप्टी कमान्डेन्ट नौकरी करता है और डेपुटेशन पर पिछले वर्ष-2021 तक एन.एस.जी. मानेसर में तैनात रहा था। इसी दौरान यह एन.एस.जी. में होने वाले कन्स्ट्रक्शन के काम भी देखता था। इसी दौरान इसका कोन्ट्रक्टर्स से सम्पर्क हुआ। यह कई वर्षों से यह शेयर मार्केट में रुपए लगाता रहा है और इसको शेयर मार्केट लाखों का नुकसान हो गया था जिसकी भरपाई करने के लिए इसन ठगी करने की योजना बनाई। योजना के तहत यह लोगों/क ॉन्ट्रक्टर्स को यह कहकर विश्वास में लेता था कि यह एन.एस.जी. में यह रोड कन्सट्रेक्शन व सोलर बिजली लगवाने इत्यादि का बड़ा टैन्डर दिलाला देगा। यह खुद को एक आई.पी.एस. अधिकारी बताता और यह लोगों को प्रभावित करने के लिए मंहगी/ लग्जरी गाडिय़ां रखता था तथा टैन्डर दिलाने के नाम पर रुपए ले लेता था।  
रूपए के लेन-देन के लिए फर्जी नाम से बैंक अकाण्ट खुलवाए
आरोपियों से पुलिस पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि उक्त मुख्य आरोपी प्रवीण यादय का जीजा व इसकी बहन रितुराज एन.एस.जी. परिसर में ही रहते है और इसकी बहन सैफायर मॉल स्थित एक्सीस बैंक में नौकरी करती है। इसी की मदद से उक्त आरोपी प्रवीण यादव ने फर्जी नाम से बैंक अकाण्ट खुलवाए और उसीमें ठगी के रुपयों का लेने लगा। आरोपी प्रवीण यादव ने फर्जीवाड़ के लिए एक कम्पनी भी खुलवा रखी थी, जिसमें प्रवीन यादव, इसकी पत्नी व इसकी बहन बतौर डायरेक्टर नियुक्त थे। जो भी ठगी के रुपए इसके द्वारा खुलवाए गए फर्जी बैंक खातों में आते उन्हें यह इसके द्वारा खुलवाई गई कम्पनी के खाते में ट्रान्सफर कर लेता था। आरोपी प्रवीण यादव उपरोक्त लगातार इसी प्रकार की ठगी करने में सक्रिय था। यह अभी हैदराबाद कॉम्पलैक्स में काम करवाने के नाम पर रुपयों की ठगी करना इसका टारगेट था, किन्तु उससे पहले पुलिस द्वारा इसको काबू कर लिया गया। 
वर्जन-
आरोपियों को माननीय अदालत के सम्मुख पेश करके पुलिस हिरासत रिमाण्ड पर लिया जाएगा। पुलिस हिरासत रिमाण्ड के दौरान आरोपी से उपरोक्त व अन्य फर्जीवाड़ ठगी के बारे में गहनता से पूछताछ की जाएगी। प्रीतपाल सांगवान, सहायक पुलिस आयुक्त अपराध 
 


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Content Editor

Gaurav Tiwari

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