फर्टिलिटी से जुड़ी सभी समस्याओं का मिलेगा हल: फाउंडर गीतांजलि बनर्जी

punjabkesari.in Wednesday, Jun 29, 2022 - 05:26 PM (IST)

गुड़गांव ब्यूरो: फर्टिलिटी से संबंधित सबसे बड़ी समस्या ये है कि लोग इसके बारे में बात करने से हिचकिचाते हैं. ऐसे में फर्टिलिटी दोस्त एक शानदार प्लैटफॉर्म है जो आपके फर्टिलिटी हेल्थ का बेहतर खयाल रखता है. इसकी शुरुआत गीतांजलि बनर्जी ने की है. आइए उनसे इस प्लैटफॉर्म के बारे में विस्तार से जानते हैं.

  फर्टिलिटी दोस्त किस तरह कपल को पैरेंट बनने में मदद करता है?

फर्टिलिटी की समस्या सामान्य हो गई है. यह समस्या महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में भी पाई जाती है. इसकी जद में अब केवल मेट्रो सिटीज के कामकाजी लोग नहीं रह गए हैं. ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों में भी इसकी समस्या बढ़ती जा रही है. हमारी सामाजिक स्थिति ऐसी है कि इसके बारे में हर कोई जानता है, लेकिन चर्चा करना पसंद नहीं करता है. इस शर्म के रूप में देखा जाता है . ऐसे लाखों कपल्स हैं, जिनमें महिलाएं गर्भ धारण करने में असमर्थ होती हैं. एक डेटा के मुताबिक, अपने देश में करीब 3.3 करोड़ ऐसे कपल्स हैं जो फर्टिलिटी की समस्या पीड़ित हैं. जब किसी कपल को बच्चा नहीं होता है तो पूरा परिवार परेशान हो जाता है. बच्चे की चाहत में वे लाखों रुपए खर्च कर देते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, औसतन ऐसे कपल 2-6 लाख रुपए और 2-8 साल का वक्त बच्चे की चाहत में भटकते हुए गुजार देते हैं.

 

 

ऐसे कपल्स के लिए फर्टिलिटी दोस्त एक वरदान की तरह है. यह एक ऐसा प्लैटफॉर्म है जहां कपल्स को फर्टिलिटी हेल्थ के बारे में उचित जानकारी मिलती है. यहां ऐसे कपल्स को फर्टिलिटी के कारणों के बारे में बताया जाता है और फिर उसका उपचार भी बताया जाता है. उपचार के लिए मेडिकल केयर के साथ-साथ न्यूट्रिशन थेरेपी, लाइफस्टाइल कोचिंग, डॉक्टर सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. फर्टिलिटी हेल्थ को लेकर अलग-अलग प्रोग्राम बनाए गए हैं और सभी प्रोग्राम मेडिकल साइंस के आधार पर तैयार किए गए हैं जिसके कारण रिजल्ट शानदार है.

 

 फर्टिलिटी कोच प्रोग्राम किस तरह काम करता है और अपने बिजनेस मॉडल के बारे में बताएं?

फर्टिलिटी कोच प्रोग्राम एक ऑनलाइन कंप्लीट पैकेज्ड प्रोग्राम है. इसमें फर्टिलिटी डाइज, फर्टिलिटी योगा, मेडिटेशन, फर्टिलिटी आयुर्वेद, फर्टिलिटी एक्यूप्रेसर और फर्टिलिटी काउंसलिंग शामिल है. यह एलोपैथिक और आईवीएफ ट्रीटमेंट के पूरक के रूप में काम करता है. अलग-अलग प्रोग्राम के लिए अनुभवी और स्किल्ड लोगों की टीम है. इस प्रोग्राम को खरीदने वालों को पहले स्पेशल फर्टिलिटी कोच की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है. पहले वे कपल्स या मरीज की काउंसलिंग करते हैं फिर एक डिटेल रिपोर्ट तैयार की जाती है. बाद में हमारी मेडिकल टीम इस रिपोर्ट का ऐनालिसिस करती हैं और जरूरत के हिसाब से आगे की प्रक्रिया अपनाई जाती है. इस दौरान मेडिकल टीम मरीज के साथ वीडियो पर बात करती है, जिससे वे हर छोटी-बड़ी बातों को बेहतर तरीके समझ सकें. यहां क्लाइंट को विकली कंसल्टेशन की सुविधा दी जाती है जिससे प्रोग्रेस का सही आकलन किया जाता है. अगर मरीज को कोई समस्या होती है या फिर वह कुछ पूछना चाहता है तो वह अपने कोच से कभी भी संपर्क कर सकता है. ऑनलाइन प्रोग्राम होने के कारण इसकी कॉस्टिंग 50 फीसदी घट जाती है. इसके अलावा मरीजों का महत्वपूर्ण समय भी बचता है.

 

आपके इतने सारे प्रोग्राम में सबसे ज्यादा डिमांड किस प्रोग्राम की रहती है?

फर्टिलिटी योगा और फर्टिलिटी डाइट प्रोग्राम की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है.

 

अभी तक कंपनी को कौन सी सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है?

कोरोना के कारण हमारे बिजनेस पर बहुत असर हुआ. अवेयरनेस प्रोग्राम पूरी तरह ठप पड़ गया था. हमारा ऑफलाइन बिजनेस पूरी तरह बंद हो गया था. सरकार ने फर्टिलिटी से संबंधित सारे काम को बंद करने का फैसला लिया था, क्योंकि इसे नॉन- एसेंशियल सर्विस में शामिल किया गया था. ऐसे में हमने अपना पूरा बिजनेस ऑफलाइन से ऑनलाइन शिफ्ट किया. यह हमारे लिए वरदान साबित हुआ है. बात अगर मार्केटिंग की करें तो यह बहुत ही जटिल समस्या है. जैसा कि हमने पहले कहा है, फर्टिलिटी की समस्या बहुत लोगों में होती है, लेकिन इसके बारे में कोई चर्चा नहीं करना चाहता है. ऐसे में लोगों से इस संबंध में बात करना चुनौतीपूर्ण है. फर्टिलिटी से संबंधित कंटेट को भी खुलेआम शेयर नहीं किया जा सकता है. अवेयरनेस करना कठिन होता है, इसलिए कंपनी का प्रमोशन और मार्केटिंग पर एक्स्ट्रा खर्च करने होते हैं.

 

 आने वाले दिनों में आप इस इंडस्ट्री और अपनी कंपनी को कहां देखते हैं?

आने वाले दिनों के लिए कंपनी की बड़ी योजना है. हमारा फोकस मेट्रो सिटीज के अलावा अब टायर-2 और टायर-3 शहरों पर होगा. यह समस्या वहां भी पैर पसार रही है. इस प्लैटफॉर्म पर कई तरह के प्रोग्राम उपलब्ध हैं, लेकिन हमारा फोकस फर्टिलिटी एंड कोच प्रोग्राम पर ज्यादा रहेगा. आने वाले दिनों में टेक्नोलॉजी की मदद से फर्टिलिटी स्टोर और हेल्थ टूल्स को भी प्रमोट करेंगे. इसके अलावा हम मैप माय फर्टिलिटी पर भी काम कर रहे हैं. यह एक ऑनलाइन स्क्रीनिंग टूल है. इसकी मदद से फर्टिलिटी संबंधी समस्या को शुरुआत में ही डिटेक्ट कर लिया जाएगा जिससे इसका समाधान समय रहते कर लिया जएगा. ग्लोबल फर्टिलिटी मार्केट 2 बिलियन डॉलर का है. अपने देश की बात करें तो हर साल करीब 2 लाख IVF किया जाता है. इसका औसत खर्च 1.5 लाख रुपए के करीब है. फर्टिलिटी संबंधी समस्या का यह आखिरी हल है. ऐसे में हमारा फोकस शुरुआत स्तर की समस्याओं पर है.

 

 


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Content Editor

Gaurav Tiwari

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