हरियाणा में ''गायब'' मिले 28 लाख वोटर! मतदाता सूची से कटेंगे नाम, जानें लिस्ट में अपना नाम देखने का तरीका
punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 10:30 AM (IST)
डेस्क: हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान प्रदेश भर में करीब 28 लाख 6 सत्तासी (28,00,687) मतदाता अपने दिए गए पतों पर नहीं मिले हैं। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा तीन बार घर जाकर संपर्क करने के बाद भी इनका कोई सत्यापन नहीं हो सका।
इसके बाद निर्वाचन विभाग ने इन सभी को ASD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट) श्रेणी में डाल दिया है। इन सभी मतदाताओं के नाम आगामी 21 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।
इन शहरों में मिले सबसे ज्यादा 'लापता' वोटर (प्रतिशत में)
हरियाणा के शहरी इलाकों में मतदाताओं के पते पर न मिलने का प्रतिशत सबसे अधिक रहा है। इस सूची में पंचकूला जिला सबसे ऊपर है:
जिला अनुपलब्ध मतदाताओं का प्रतिशत (%)
- पंचकूला 22.94% (सबसे अधिक)
- फरीदाबाद 21.00%
- गुरुग्राम 20.15%
- सोनीपत 16.18%
- पानीपत 15.23%
- यमुनानगर 15.17%
कैसे चेक करें सूची में अपना नाम?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) हरियाणा, ए. श्रीनिवासन के अनुसार, जनता की सुविधा के लिए विभाग ने पूरी पारदर्शिता बरतने का फैसला किया है ताकि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से न छूटे। यह एएसडी (ASD) सूची सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। वेबसाइट पर उपलब्ध सूची में 'एपिक सर्च' की सुविधा होगी, जहां आप अपने वोटर आईडी कार्ड (EPIC) नंबर के जरिए आसानी से देख सकते हैं कि आपका नाम इस सूची में शामिल तो नहीं है। डिजिटल माध्यमों के अलावा इस सूची को आपके नजदीकी पंचायत भवन, नगर निगम, बीडीपीओ (BDPO) कार्यालय और अन्य सरकारी कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा (Dispay) किया जाएगा।
नाम वापस जुड़वाने का आखिरी मौका
जिन मतदाताओं के नाम इस लिस्ट में आ गए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद विभाग द्वारा दावा और आपत्ति (Claims and Objections) दर्ज करने का समय दिया जाएगा। यदि आपका नाम इस सूची में है, तो आप इस अवधि के दौरान दोबारा आवेदन करके अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। लेकिन, यदि इस तय समय सीमा के भीतर भी कोई आवेदन नहीं किया गया, तो अंतिम मतदाता सूची से इन 28 लाख लोगों के नाम हमेशा के लिए हटा दिए जाएंगे।