निकिता तोमर हत्याकांड में पुलिस ने दाखिल की 700 पेज की चार्जशीट, लव जिहाद एंगल नहीं शामिल

punjabkesari.in Friday, Nov 06, 2020 - 04:26 PM (IST)

फरीदाबाद (ब्यूरो): बल्लभगढ़ में हुए निकिता तोमर हत्याकांड के मामले में पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में 700 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है। मात्र 11 दिन में तैयार कर दाखिल की गई इस चार्जशीट में हत्यारोपियों को स त सजा दिलाने के लिए 60 गवाह बनाए गए हैं। चार्जशीट में लव जिहाद के एंगल को पुलिस ने शामिल नहीं किया है। इसके लिए तौसिफ और निकिता के मोबाइल फोन जांच के लिए भेजे गए हैं। अगर लव जिहाद की कोई बात सामने आएगी तो पूरक चार्जशीट पेश की जाएगी।

अनुभवी जांच अधिकारियों की देखरेख में डिजिटल, फॉरेंसिक एवं मैटिरियल एविडेंस के आधार तैयार कराई गई इस चार्जशीट का खुद पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने बारीकी से अवलोकन किया है। इसके बाद वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों द्वारा मामले के हर लीगल पहलुओं की गहराई से जांच के बाद इसे तैयार किया गया। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि डिजिटल एवं फॉरेंसिक साइंस एविडेंस, चश्मदीद गवाह व अन्य पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपियों को शीघ्र कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। 

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जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस हत्याकांड में तौसिफ और रेहान के अलावा कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीसरे आरोपी अजरुद्दीन ने ही हत्या के मु य आरोपी तौसिफ को हथियार मुहैया कराए थे। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बीते गुरुवार को कहा कि था निकिता हत्याकांड फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा ताकि दिन-प्रतिदिन की सुनवाई हो सके और आरोपी को जल्द सजा मिल सके। 

उल्लेखनीय है कि 26 अक्टूबर को अग्रवाल कॉलेज से परीक्षा देकर अपनी सहेली के साथ घर लौट रही छात्रा निकिता तोमर की कॉलेज के गेट के बाहर मुख्य आरोपी तौसिफ ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात को अंजाम देने में उसका साथी रेहान भी शामिल था। दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देकर कार से फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर थाना शहर बल्लभगढ़ में हत्या व आम्र्स एक्ट की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। 

पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने एसीपी क्राइम अनिल यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की 10 टीमें आरोपियों की धरपकड़ में लगाईं तथा स्वयं मामले की निगरानी रखते रहे। मात्र 5 घंटे में क्राइम ब्रांच ने गोली मारने वाले मुख्य आरोपी तौसिफ को नूंह से गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने एसआईटी का गठन किया था। इस मामले में अगले दिन दूसरे आरोपी रेहान व हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए देसी कट्टा उपलब्ध कराने वाले तीसरे आरोपी अजरू को भी नूंह से गिरफ्तार किया गया। जिनकी निशानदेही पर गाड़ी को भी बरामद किया गया था। 

पुलिस आयुक्त ओपी सिंह के द्वारा नितिका के भाई और मामा को आम्र्स लाइसेंस दिया गया इसके साथ ही परिवार के प्रत्येक सदस्य को गनमैन दिया गया है। इस केस की आई विटनेस के पिता को भी गन का लाइसेंस दिया गया है। ताकि वो सभी निर्भय होकर अपने केस की पैरवी करें सकें। फरीदाबाद पुलिस हर वक्त पीड़ित परिवार के साथ है।


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Shivam

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