विस परिसर में मुख्यमंत्री पर हमले के लिए 9 पुलिस अधिकारी जिम्मेदार, डीजीपी ने गुप्ता को सौंपी रिपोर्ट

2021-06-15T23:57:02.677

चंडीगढ़ (धरणी): हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सुरक्षा में चूक के मामले में पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने विस अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में आईपीएस अधिकारी पंकज नैन समेत घटना के लिए जिम्मेदार 9 अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ शीघ्र अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई है। इनमें से 8 को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। विधान सभा अध्यक्ष इस कार्रवाई और रिपोर्ट से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने डीजीपी से विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। डीजीपी ने 18 जून को यह रिपोर्ट पेश का करने का आश्वासन दिया है।

पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने अपने विशेष मैसेंजर के माध्यम से सोमवार रात रिपोर्ट विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को पहुंचाई। गुप्ता ने मंगलवार को विधान सभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस रिपोर्ट के संबंध में जानकारी दी। गुप्ता ने बताया कि बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब के विधायकों द्वारा हमला करने का मामला काफी संगीन है। इस संबंध में चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है। विधान सभा सचिवालय की ओर से चंडीगढ़ पुलिस को घटना के दिन के सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी कार्रवाई कर सकती है।

उधर, विस अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने हरियाणा पुलिस महानिदेशक से भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस महानिदेशक की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए विभाग ने 7 अप्रैल और 10 जून को बैठकें बुलाई थीं। पुलिस विभाग ने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के लिए जारी विस्तृत सुरक्षा कार्यक्रम के साथ-साथ पार्किंग और आसपास के क्षेत्र में तैनात कर्मियों का विवरण भी तैयार कर लिया है।

पुलिस महानिदेशक मनोज यादव के अनुसार इस मामले में चूक के लिए विभाग ने 9 कर्मचारियों और अधिकारियों को जिम्मेदार माना है। इन अधिकारियों द्वारा ड्यूटी में लापरवाही के कारण विधान सभा परिसर में यह घटना हुई है। इनमें से आठ कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। रिपोर्ट में आश्वासन दिया गया है कि दोषी अधिकारियों की ओर से लिखित जवाब मिलने और विश्लेषण के बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट में आईपीएस अधिकारी पंकज नैन का प्रमुखता से लिया गया है। नैन वर्तमान में खेल एवं युवा मामले विभाग में निदेशक और इसी विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उक्त घटना के वक्त वे विधान सभा के पार्किंग क्षेत्र में व्यवस्था संभालने के प्रभारी थे। इस संबंध में उनसे 15 जून की शाम तक विस्तृत विवरण देने को कहा गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि वे 11 से 14 जून तक छुट्टी पर रहे हैं। इसलिए जवाब दायर नहीं कर पाए। डीजीपी के अनुसार पंकज नैन की ओर से जवाब मिलते ही आगे की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
 

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Content Writer

Shivam

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