हरियाणा का ''विज़न 2031'': रोज़गार देने पर 1 लाख की सब्सिडी और नए औद्योगिक शहर, जानिए सैनी सरकार का पूरा प्लान

punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 08:08 PM (IST)

चंडीगढ़: हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के विज़न को लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी संदर्भ में, राज्य सरकार ने 'विकसित हरियाणा विज़न डॉक्यूमेंट' तैयार किया है, जिसके तहत वर्ष 2030-31 तक प्रत्येक विभाग के लिए एक स्पष्ट रोडमैप और चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक नीतिगत दस्तावेज नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में हरियाणा को औद्योगिक, तकनीकी, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की एक व्यापक रणनीति है। मुख्यमंत्री स्वयं आगामी 5 वर्षों की कार्ययोजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर प्राप्त किया जा सके। पहले चरण में, वर्ष 2030-31 तक की विकास योजना तैयार की जा रही है, जिसके बाद प्रत्येक 5 वर्षों के लिए अलग-अलग चरणबद्ध कार्ययोजनाएं तैयार की जाएंगी।

राव नरबीर सिंह ने बताया कि हाल ही में मंत्रिमंडल ने निवेश, रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्यात और कृषि-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 नई औद्योगिक नीतियों को मंजूरी दी है। इन सभी नीतियों को शामिल करते हुए, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी 1 जून, 2026 को गुरुग्राम से औपचारिक रूप से नई 'हरियाणा औद्योगिक नीति-2026' का शुभारंभ करेंगे। यह नई नीति 'HEEP-2020' का स्थान लेगी। उन्होंने कहा कि नई नीतियों में 'मेक इन हरियाणा' औद्योगिक नीति-2026, हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा फार्मास्यूटिकल और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा खिलौने और खेल उपकरण विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक कचरा पुनर्चक्रण नीति-2026, हरियाणा वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2026, हरियाणा IT/ITES, AI और उभरती प्रौद्योगिकी नीति-2026, हरियाणा AVGC-XR नीति-2026, नई हरियाणा डेटा केंद्र नीति-2026 और हरियाणा कृषि व्यवसाय और कृषि प्रसंस्करण नीति-2026 शामिल हैं।

उद्योग मंत्री ने कहा कि इन नई औद्योगिक नीतियों के माध्यम से, वर्ष 2030-31 तक राज्य में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 10 लाख से अधिक रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में 10 नए IMT (औद्योगिक मॉडल टाउनशिप) स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से 5 को मंज़ूरी मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद और राई में प्रस्तावित IMT के लिए 'ई-भूमि' पोर्टल पर किसानों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। इसके साथ ही, छोटे और मध्यम निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए, HSIIDC ने अपने औद्योगिक भूखंडों पर 'ज़मीन पट्टे पर' (Land on Lease) नीति लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत निवेशकों को औद्योगिक भूखंड लंबी अवधि के पट्टे पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रस्तावित 10 IMT में से 3 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में विकसित किए जाएंगे, जिनका मुख्य केंद्र KMP एक्सप्रेसवे होगा। इसके अलावा, विकसित किए जाने वाले 5 नए शहर 'विकसित भारत' के आकर्षण का केंद्र बनेंगे और दिल्ली पर बढ़ती आबादी के बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि हरियाणा, जो कभी 'हरित क्रांति' का अग्रदूत था, उसने आज गुरुग्राम को एक IT हब के रूप में स्थापित किया है और वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आने वाले समय में, जब 10 नए IMT विकसित हो जाएंगे, तब हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति के शिखर के रूप में उभरेगा।
 


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Content Writer

Isha

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